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Gorakhpur: साइबर अपराध के मुकदमों के निस्तारण में गोरखपुर फिसड्डी, डीआईजी ने किया निरीक्षण
Wed, 28 Sep 2022 10:42 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: विजय पुंडीर
Updated Wed, 28 Sep 2022 10:42 AM IST
सार
डीआईजी साइबर क्राइम एन कोलांचि ने साइबर अपराध के दर्ज मामलों के निस्तारण में कमियों की समीक्षा को लेकर मंगलवार को गोरखपुर साइबर थाने का निरीक्षण किया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
साइबर अपराध के दर्ज मामलों के निस्तारण में पूरे प्रदेश में गोरखपुर फिसड्डी साबित हुआ है। आजमगढ़ साइबर थाना पहले नंबर पर है। डीआईजी साइबर क्राइम एन कोलांचि ने निस्तारण में कमियों की समीक्षा को लेकर मंगलवार को गोरखपुर साइबर थाने का निरीक्षण किया।
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उन्होंने बताया कि गोरखपुर की टीम साइबर क्राइम के मामलों के निस्तारण में एक्सपर्ट नहीं बन पाई है। 25 मार्च से प्रदेश के सभी 18 साइबर थानों में साइबर क्राइम के कम से कम पचास प्रतिशत मामलों के निस्तारण का लक्ष्य रखते हुए अभियान चलाया गया था। 25 सितंबर को यह अभियान पूरा हुआ।
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समीक्षा में पाया गया कि आजमगढ़ साइबर थाना दर्ज मामलों के निस्तारण में पहले, जबकि गोरखपुर साइबर थाना सबसे निचले पायदान पर रहा। आजमगढ़ साइबर थाने ने 80 प्रतिशत केस का निस्तारण कर लिया। वहीं गोरखपुर साइबर थाना 40 प्रतिशत मामलों का ही निस्तारण कर पाया। डीआईजी ने इस दौरान साइबर थाना के निर्माण की जमीन को लेकर भी डीआईजी गोरखपुर से बात की। उन्होंने बताया कि जहां पर साइबर थाना बनना है वहीं पर साइबर लैब भी बनेगा।
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