फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Gorakhpur Intermediate second topper Aastha Gupta in UP board result 2023

इंटरमीडिएट की सेकेंड टॉपर: चाय-समोसा बेचकर पढ़ाया, बिटिया ने कायम रखा भरोसा

Wed, 26 Apr 2023 11:31 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 26 Apr 2023 11:31 AM IST
सार

एमजी इंटर कॉलेज के बगल में मनोज गुप्ता की समोसे और चाय की दुकान है। बिटिया बचपन से होनहर थी, तो उन्होंने पढ़ाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। बिटिया भी पिता के सपनों को पूरा करने में जुटी है। आस्था ने बताया कि नीट की तैयारी में अभी से जुट गई हूं। डॉक्टर बनकर समाज सेवा करना है।

विज्ञापन
Gorakhpur Intermediate second topper Aastha Gupta in UP board result 2023
आस्था गुप्ता 95.2को मिठाई खिलाते पिता मनोज कुमार। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

समोसा-चाय बेचकर अपने बच्चों को शिक्षा की राह पर आगे बढ़ाने वाले मनोज कुमार गुप्ता मंगलवार को गदगद नजर आए। उनकी बेटी आस्था गुप्ता ने इंटरमीडिएट परीक्षा में 95.20 फीसदी अंक हासिल कर जिले की टॉप सूची में दूसरा स्थान हासिल किया है।

विज्ञापन


बधाई स्वीकार कर रहे आस्था के पिता मनोज और मां निशा गुप्ता की आंखों में खुशी के आंसू थे। तीन भाई बहनों में सबसे बड़ी आस्था सरस्वती विद्या मंदिर बालिका इंटर कॉलेज की छात्रा है।
विज्ञापन


एमजी इंटर कॉलेज के बगल में मनोज गुप्ता की समोसे और चाय की दुकान है। बिटिया बचपन से होनहर थी, तो उन्होंने पढ़ाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। बिटिया भी पिता के सपनों को पूरा करने में जुटी है। आस्था ने बताया कि नीट की तैयारी में अभी से जुट गई हूं। डॉक्टर बनकर समाज सेवा करना है। इसी लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रही हूं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसे भी पढ़ें: गोरखपुर में बेटियां बनीं सिरमौर, हाईस्कूल पर इंटर दोनों में टॉपर

सोशल मीडिया से दूर रहने वाली आस्था का कहना है कि पिता को मुझसे बहुत उम्मीदें है, जिसे टूटने नहीं दूंगी। उधर, मनोज गुप्ता का कहना है कि बेटी की पढ़ाई में कोई बाधा नहीं आने दूंगा।

 

आस्था गुप्ता- इंटरमीडिएट टॉपर- 95.20 फीसदी
पिता का नाम- मनोज कुमार गुप्ता
माता- निशा गुप्ता
भाई- दो
लक्ष्य- डाॅक्टर बनना
पंसद- किताबें पढ़ना और यात्राएं करना

सफलता का मंत्र
शिक्षकों ने जो पढ़ाया, उसका लगातार रिवीजन करना। तीन से चार घंटे पढ़ना। पूरे कोर्स को अलग-अलग वर्गाें में बांटकर उसकी तैयारी करना।



 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed