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गोला बाजार : मेडिकल स्टोर से दो दवाओं के लिए नमूने
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गोला बाजार : मेडिकल स्टोर से दो दवाओं के लिए नमूने
गोला बाजार। पेट में कीड़े मारने वाली दवा पीने के बाद गोला इलाके के मिश्रौली गांव में दो बच्चों की मौत के मामले की जांच शुरू हो गई है। ड्रग इंस्पेक्टर जय सिंह ने मंगलवार को एक मेडिकल स्टोर से दो दवाओं का नमूना लिया। ड्रग इंस्पेक्टर ने बच्चों के पिता अरुण कुमार शर्मा का बयान भी दर्ज किया।
ड्रग इंस्पेक्टर मंगलवार की दोपहर बाद गोला बाजार के चंद चौराहे पर स्थित विकास फार्मा पर पहुंचे, जहां उन्होंने ओफ्लाक्सीन व एसीक्लोफेनिक टैबलेट का नमूना लिया। बच्चों के पिता मिश्रौली गांव के अरुण कुमार शर्मा ने ड्रग इंस्पेक्टर को बताया कि बीते 28 सितंबर को इसी मेडिकल स्टोर से एक प्रतिष्ठित कंपनी की कीड़े मारने वाली दवा ले जाकर अपने दोनों बच्चों अनिमेष (8) एवं ज्योत्सना (6) को पिलाई थी। दवा पीने के बाद दोनों की हालत बिगड़ गई थी। बच्चे के पेट में ऐंठन होने पर उसे एक इंजेक्शन भी लगवाया गया था। बेटे की मौत उसी दिन हो गई, जबकि बेटी ने एक अक्तूबर को दम तोड़ दिया। उन्होंने कीड़े मारने वाली दवा की शीशी भी ड्रग इंस्पेक्टर को दिखाई।
दो दवाओं के नमूने लिए गए हैं। मेडिकल स्टोर पर सैंपलिंग के लिए पर्याप्त दवा नहीं थी। दवा कंपनी के गोरखपुर स्थित डिपो से उस बैच की दवा मंगाकर उसकी जांच कराई जाएगी।
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-जय सिंह, ड्रग इंस्पेक्टर
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गोला बाजार। पेट में कीड़े मारने वाली दवा पीने के बाद गोला इलाके के मिश्रौली गांव में दो बच्चों की मौत के मामले की जांच शुरू हो गई है। ड्रग इंस्पेक्टर जय सिंह ने मंगलवार को एक मेडिकल स्टोर से दो दवाओं का नमूना लिया। ड्रग इंस्पेक्टर ने बच्चों के पिता अरुण कुमार शर्मा का बयान भी दर्ज किया।
ड्रग इंस्पेक्टर मंगलवार की दोपहर बाद गोला बाजार के चंद चौराहे पर स्थित विकास फार्मा पर पहुंचे, जहां उन्होंने ओफ्लाक्सीन व एसीक्लोफेनिक टैबलेट का नमूना लिया। बच्चों के पिता मिश्रौली गांव के अरुण कुमार शर्मा ने ड्रग इंस्पेक्टर को बताया कि बीते 28 सितंबर को इसी मेडिकल स्टोर से एक प्रतिष्ठित कंपनी की कीड़े मारने वाली दवा ले जाकर अपने दोनों बच्चों अनिमेष (8) एवं ज्योत्सना (6) को पिलाई थी। दवा पीने के बाद दोनों की हालत बिगड़ गई थी। बच्चे के पेट में ऐंठन होने पर उसे एक इंजेक्शन भी लगवाया गया था। बेटे की मौत उसी दिन हो गई, जबकि बेटी ने एक अक्तूबर को दम तोड़ दिया। उन्होंने कीड़े मारने वाली दवा की शीशी भी ड्रग इंस्पेक्टर को दिखाई।
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दो दवाओं के नमूने लिए गए हैं। मेडिकल स्टोर पर सैंपलिंग के लिए पर्याप्त दवा नहीं थी। दवा कंपनी के गोरखपुर स्थित डिपो से उस बैच की दवा मंगाकर उसकी जांच कराई जाएगी।
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-जय सिंह, ड्रग इंस्पेक्टर