{"_id":"60c1f5668ebc3e40c8409e98","slug":"gorakhpur-forest-department-got-12-smart-sticks-to-monitor-forest","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोरखपुर: जंगल की निगरानी के लिए मिले 12 स्मार्ट स्टिक, जानिए क्या है इसकी खासियत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोरखपुर: जंगल की निगरानी के लिए मिले 12 स्मार्ट स्टिक, जानिए क्या है इसकी खासियत
Thu, 10 Jun 2021 04:50 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 10 Jun 2021 04:50 PM IST
सार
इसके सेंसर से कम समय में जंगल के अंदर का साथी दूसरे साथी को अवैध गतिविधियों की जानकारी आसानी से दे सकेगा।
विज्ञापन
स्मार्ट स्टिक के साथ वनकर्मी।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जंगल की निगरानी करने के लिए वन विभाग भी अब आधुनिक तकनीक का सहारा लेना शुरू कर दिया है। इसी क्रम गोरखपुर वन विभाग को 12 स्मार्ट स्टिक मिले हैं। इसे सभी रेंज में जल्द ही भेजा दिया जाएगा।
डीएफओ अविनाश कुमार ने इसकी खासियत के बारे में कहा कि इसके सेंसर से कम समय में जंगल के अंदर का साथी दूसरे साथी को अवैध गतिविधियों की जानकारी आसानी से दे सकेगा।
बताया कि स्टिक में सेंसर का बटन होता है। जिसे दबाने पर सायरन की तरह आवाज निकलती है जो तीन किमी दूर दूसरे साथी तक जाती है। साथ ही दूसरे साथी के मोबाइल पर उस जगह की लोकेशन मिल जाती है।
विज्ञापन
इसके अलावा बटन दबाते ही तेज लाइट जलने लगती है। यह सामान्य रोशनी की तरह नहीं होगी। बताया कि इसे अभी सभी रेंज में भेजा जाएगा। रेंजर और वन रक्षक इसका प्रयोग करेंगे। इसके साथ आने वाले दिनों में इसे और मंगाया जाएगा।
विज्ञापन
डीएफओ अविनाश कुमार ने इसकी खासियत के बारे में कहा कि इसके सेंसर से कम समय में जंगल के अंदर का साथी दूसरे साथी को अवैध गतिविधियों की जानकारी आसानी से दे सकेगा।
विज्ञापन
बताया कि स्टिक में सेंसर का बटन होता है। जिसे दबाने पर सायरन की तरह आवाज निकलती है जो तीन किमी दूर दूसरे साथी तक जाती है। साथ ही दूसरे साथी के मोबाइल पर उस जगह की लोकेशन मिल जाती है।
विज्ञापन
इसके अलावा बटन दबाते ही तेज लाइट जलने लगती है। यह सामान्य रोशनी की तरह नहीं होगी। बताया कि इसे अभी सभी रेंज में भेजा जाएगा। रेंजर और वन रक्षक इसका प्रयोग करेंगे। इसके साथ आने वाले दिनों में इसे और मंगाया जाएगा।