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बाढ़ की मार: ट्रांसपोर्टर्स का दस करोड़ का सामान डूबने के कगार पर, कई गोदामों में बाढ़ का पानी घुसने का खतरा

Sat, 04 Sep 2021 02:16 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 04 Sep 2021 02:16 PM IST
सार

गोदामों में पड़ा है कीमती सामान, दवाएं, कपड़े, खाद्यान्न, मसाले आदि। महेवा बांध रोड के पूर्वी छोर पर स्थित कई गोदामों में बाढ़ का पानी घुसने का खतरा।

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Gorakhpur Flood effect on goods worth ten crores of transporters on verge of drowning in flood waters
गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर के महेवा बांध के किनारे बसे ट्रांसपोर्ट नगर में विभिन्न गुड्स कॅरियर गोदामों में पड़े करीब दस करोड़ रुपये के सामान के बाढ़ के पानी में डूबने की आशंका ट्रांसपोर्ट मालिकों को सता रही है। राप्ती नदी के लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण निचले क्षेत्र में बसे कुछ ट्रांसपोर्ट गोदामों में पानी भर चुका है, जबकि अधिकतर गोदामों में सीलन आ चुकी है। गोरखपुर गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष मनीष सिंह के मुताबिक ट्रांसपोर्ट नगर में अस्सी बड़े ट्रांसपोर्टर्स के कार्यालय हैं। दूसरे जिलों से आया माल उतारने, स्टोर करने या शहर से दूसरे जिलों में भेजे जाने वाले माल को रखने के लिए प्रत्येक ट्रांसपोर्टर के पास औसतन दो से तीन गोदाम हैं।
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ट्रांसपोर्ट नगर में 160 से अधिक गोदाम हैं। इन गोदामों में औसतन दस लाख रुपये लेकर पचास लाख रुपये तक का माल पड़ा है। सह अध्यक्ष अब्दुल रशीद कहते हैं कि गोदामों में लाखों रुपये कीमत की दवाएं रखी हुई हैं। इसी तरह कपड़ा, खाद्यान्न, मसाले, साबुन, दंत मंजन आदि रोजमर्रा की जरूरतों का किराना सामान भरा पड़ा है। इन गोदामों में औद्योगिक मशीनें, ह्वाइट कंज्यूमर गुड्स (फ्रिज, टीवी, एसी, वाशिंग मशीन, एलईडी लाइट) आदि सामान रखे हुए हैं।
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राप्ती नदी का जलस्तर 1998 में आई बाढ़ के करीब दिख रहा है। कुछ ट्रांसपोर्टर्स के गोदामों में बाढ़ का पानी घुस चुका है। कुछ गोदामों में बाढ़ का पानी अभी नहीं पहुंचा है, लेकिन सीलन के कारण उनके अंदर रखा माल खराब होने की आशंका सता रही है। मनीष सिंह और अब्दुल रशीद ने ग्राहकों से संयुक्त से रूप से अपील की है कि स्थिति बिगड़ने से पहले अपना सामान संबंधित ट्रांसपोर्टर के गोदाम से उठान करवा लें।
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