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गोरखपुर में हादसा: गैलेंट फैक्टरी के कन्वेयर मशीन में फंसने से फीडर मैन का कटा हाथ, अस्पताल ले जाते वक्त हुई मौत
Tue, 22 Mar 2022 11:00 AM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Tue, 22 Mar 2022 11:00 AM IST
सार
फीडर मैन का हाथ अचानक मशीन में फंसकर कट गया। उसे प्राथमिक उपचार के बादडॉक्टरों ने मेदांता लखनऊ रेफर कर दिया। इलाज के लिए एंबुलेंस से जाते समय फीडर मैन की खलीलाबाद के पास मौत हो गई।
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सहजनवा की फैक्टरी में हादसा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गोरखपुर के सहजनवां के गीडा के सेक्टर-23 में स्थित गैलेंट स्पात लिमिटेड फैक्टरी में सोमवार की देर शाम को कन्वेयर मशीन में फंसने से फीडर मैन गंभीर रूप से घायल हो गया। इलाज के लिए गोरखपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत नाजुक होने पर लखनऊ रेफर किया गया। अभी वे रास्ते में ही थे कि उसकी मौत हो गई। कर्मी की मौत पर कई ग्रामीण सीएचसी पहुंच गए और हंगामा करने लगे। काफी देर बाद पुलिस कार्रवाई का आश्वासन देकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दी।
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सहजनवां थाना क्षेत्र के भैंसला निवासी वर्षीय चंद्रिका सिंह (30) पुत्र हरजोतू सिंह गीडा सेक्टर स्थित गैलेंट इस्पात लिमिटेड में फीडर मैन पद पर कार्यरत थे। सोमवार की देर शाम को अचानक काम के दौरान कन्वेयर मशीन में उनका हाथ फंस गया। मशीन की चपेट में आने से दाहिना हाथ कट गया और गंभीर रूप घायल हो गए।
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घटना के बाद फैक्टरी के जिम्मेदार घायल चंद्रिका सिंह को इलाज के लिए गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने मेदांता लखनऊ रेफर कर दिया। लखनऊ इलाज के लिए एंबुलेंस से जाते समय चंद्रिका की खलीलाबाद के पास रास्ते में मौत हो गई। फैक्टरी के जिम्मेदार शव को सहजनवां वापस लेकर आ गए और सीएचसी पर रख दिया।
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मौत की सूचना मिलने के बाद अस्पताल पर पहुंचे परिजन दहाड़े मारकर रोने लगे और लापरवाही का आरोप लगाया। इसी बीच गांव के लोग अक्रोशित हो गए और अस्पताल पहुंच कर हंगामा करने लगे।
ग्रामीणों के तरफ से हंगामा और फैक्टरी को घेरने जाने की सूचना पर पुलिस फोर्स अस्पताल पहुंची और आक्रोशित लोगों को मनाने की कोशिश में जुट गई। काफी देर बाद फैक्टरी के मैनेजर एचआर भाष्कर तिवारी ने आश्वासन दिया कि मृतक के परिजन को बीमा और पीएफ का मिलाकर करीब दस लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी।
साथ ही चंद्रिका की पत्नी को वेतन का अस्सी प्रतिशत आजीवन पेंशन के रूप में दिया जाएगा। काफी प्रयास के बाद पुलिस शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने में सफल हुई। प्रभारी निरीक्षक अंजुल कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जा रहा है। परिजन तहरीर देते हैं तो केस दर्ज किया जाएगा।