यूपी: गोरखपुर में गेहूं के बीज पर 50% अनुदान, दलहन-तिलहन के बीज मुफ्त; ऐसे करें आवेदन
जिला कृषि अधिकारी राजमंगल चौधरी ने बताया कि योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान कृषि विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं। बीज प्राप्त करने के लिए पंजीकरण संख्या जरूरी होगी।
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रबी की फसलों की बोआई के लिए किसानों को राहत दी जा रही है। कृषि विभाग की ओर से गेहूं के बीज पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है, जबकि चना, मसूर, मटर, तोरी और राई के बीज मुफ्त उपलब्ध कराए जा रहे हैं। योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों को कृषि विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। जिले में चना और मटर के बीज के लिए निर्धारित लक्ष्य से अधिक किसानों ने आवेदन किया है। बीज का वितरण पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा।
गेहूं के बीज पर अनुदान मिलने से किसानों को खरीद के समय ही राहत मिलेगी। पहले किसानों को बीज खरीदने के बाद अनुदान की राशि के लिए करीब छह महीने तक इंतजार करना पड़ता था। अब किसानों को बीज की कीमत का केवल 50 प्रतिशत ही जमा करना होगा। जिले में गेहूं के बीज की 1,10,955 बोरी वितरित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके सापेक्ष अब तक 13,183 किसानों ने पंजीकरण कराया है।
चना-मटर के बीज के लिए लक्ष्य से ज्यादा आवेदन
दलहन और तिलहन की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को मुफ्त बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जिले में चना के 200 पैकेट वितरण का लक्ष्य है, जबकि इसके लिए 217 किसानों ने पंजीकरण कराया है। चने के एक पैकेट में 16 किलो बीज मिलेगा।
इसी तरह मटर के 150 पैकेट वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके सापेक्ष 183 किसान पंजीकरण करा चुके हैं। मटर के एक पैकेट में 20 किलो बीज उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं, तोरी के लिए 500 पैकेट का लक्ष्य रखा गया है। इसके सापेक्ष 500 किसानों ने पंजीकरण कराया है। प्रत्येक किसान को दो किलो बीज का एक पैकेट मिलेगा।
मसूर और राई के बीज के लिए भी आवेदन
मसूर के बीज वितरण के लिए जिले को 733 पैकेट का लक्ष्य मिला है। इसके सापेक्ष अब तक 477 किसानों ने पंजीकरण कराया है। वहीं, राई के 4,270 पैकेट वितरित करने का लक्ष्य है। इसके लिए अब तक 896 किसान आवेदन कर चुके हैं।
जिला कृषि अधिकारी राजमंगल चौधरी ने बताया कि योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान कृषि विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं। बीज प्राप्त करने के लिए पंजीकरण संख्या जरूरी होगी। किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार बीज उपलब्ध कराया जाएगा।