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Gorakhpur Election Seat Result: गोरखपुर जिले की सभी नौ विधानसभा सीटों पर पहली बार खिला कमल, बने कई रिकार्ड
Thu, 10 Mar 2022 06:14 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
Published by: Vikas Kumar
Updated Thu, 10 Mar 2022 06:14 PM IST
सार
गोरखपुर जिले की सीटों पर भी भाजपा का दबदबा साफ नजर आ रहा था। पिपराईच से महेंद्रपाल सिंह, ग्रामीण से विपिन सिंह, बांसगांव से विमलेश पासवान, चौरी चौरा से श्रवण निषाद, कैंपियनगंज से फतेह बहादुर सिंह, सहजनवां से प्रदीप शुक्ला, खजनी से श्रीराम चौहान और चिल्लूपार से राजेश त्रिपाठी विजयी रहे।
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सीएम योगी।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
गोरखपुर जिले में यह पहला मौका है, जब गोरखपुर की सभी नौ विधानसभा सीटों पर कमल खिला है। इस चुनाव में कई रिकार्ड बने हैं। गोरखपुर शहर विधानसभा सीट पर रिकॉर्ड मतों के अंतर से भाजपा का कब्जा बरकरार है।
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गोरखपुर शहर से एक लाख के अधिक अंतर से जीते योगी
गोरखपुर शहर विधानसभा सीट से योगी आदित्यनाथ को रिकार्ड मतों के अंतर से जीत मिली है। यह सीट 1989 से भाजपा के पास है। इस बार जीत का अंतर एक लाख से ज्यादा है। 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत का अंतर करीब 61 हजार था। इसका मतलब है कि 40 हजार से ज्यादा और मत मिले हैं।
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चिल्लूपार में पहली बार खिला कमल
वयोवृद्ध बाहुबली हरिशंकर तिवारी की परंपरागत सीट चिल्लूपार में पहली बार कमल खिला है। इस सीट से हरिशंकर तिवारी के बेटे विनय शंकर तिवारी पहली बार बसपा के टिकट पर चुनाव जीतकर विधायक बने थे। 2022 के चुनाव से ठीक पहले विनय ने पाला बदलकर सपा का दामन थाम लिया।
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भाजपा ने राजेश त्रिपाठी को चुनाव मैदान में उतारा था। वह पहले ही राउंड से बढ़त बनाने में कामयाब रहे। इस सीट से हरिशंकर 22 वर्षों तक विधायक रहे। पिछले तीन चुनावों (2007-2017) से बसपा को जीत मिल रही थी। यह पहला मौका है, जब भाजपा प्रत्याशी को जीत मिली है।
राजेश ने पहले पिता, अब बेटे को हराया
चिल्लूपार से चुनाव जीतने वाले राजेश त्रिपाठी ने पूर्वांचल के जाने माने शख्स हरिशंकर तिवारी को दो बार (2007 और 2012) चुनाव हराया था। अब हरिशंकर के बेटे विनय शंकर तिवारी को चुनाव हरा दिया है। विनय को हराकर राजेश ने 2017 में अपनी हार का बदला लिया। पिछला चुनाव वह विनय शंकर से हारे थे।
फतेह बहादुर सिंह ने लगाई जीत की हैट्रिक
भाजपा प्रत्याशी फतेह बहादुर सिंह ने कैंपियरगंज विधानसभा क्षेत्र से जीत की हैट्रिक लगाई है। वह सातवीं बार चुनाव जीते हैं। पिछले 30 वर्षों से विधायक हैं। इन वर्षों में पहले चार बार पनियरा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीते थे। 2012 के परिसीमन में कैंपियरगंज विधानसभा सीट का गठन हुआ। तब से फतेह बहादुर सिंह चुनाव जीत रहे हैं। यह तीसरा मौका था, जब वह कैंपियरगंज से चुनाव लड़े और जीत हासिल की है।
गोरखपुर जिले की सीटों पर भी भाजपा का दबदबा साफ नजर आ रहा था। पिपराईच से महेंद्रपाल सिंह, ग्रामीण से विपिन सिंह, बांसगांव से विमलेश पासवान, चौरी चौरा से श्रवण निषाद, कैंपियनगंज से फतेह बहादुर सिंह, सहजनवां से प्रदीप शुक्ला, खजनी से श्रीराम चौहान और चिल्लूपार से राजेश त्रिपाठी विजयी रहे।
चिल्लूपार से चुनाव जीतने वाले राजेश त्रिपाठी ने पूर्वांचल के जाने माने शख्स हरिशंकर तिवारी को दो बार (2007 और 2012) चुनाव हराया था। अब हरिशंकर के बेटे विनय शंकर तिवारी को चुनाव हरा दिया है। विनय को हराकर राजेश ने 2017 में अपनी हार का बदला लिया। पिछला चुनाव वह विनय शंकर से हारे थे।
फतेह बहादुर सिंह ने लगाई जीत की हैट्रिक
भाजपा प्रत्याशी फतेह बहादुर सिंह ने कैंपियरगंज विधानसभा क्षेत्र से जीत की हैट्रिक लगाई है। वह सातवीं बार चुनाव जीते हैं। पिछले 30 वर्षों से विधायक हैं। इन वर्षों में पहले चार बार पनियरा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीते थे। 2012 के परिसीमन में कैंपियरगंज विधानसभा सीट का गठन हुआ। तब से फतेह बहादुर सिंह चुनाव जीत रहे हैं। यह तीसरा मौका था, जब वह कैंपियरगंज से चुनाव लड़े और जीत हासिल की है।
गोरखपुर जिले की सीटों पर भी भाजपा का दबदबा साफ नजर आ रहा था। पिपराईच से महेंद्रपाल सिंह, ग्रामीण से विपिन सिंह, बांसगांव से विमलेश पासवान, चौरी चौरा से श्रवण निषाद, कैंपियनगंज से फतेह बहादुर सिंह, सहजनवां से प्रदीप शुक्ला, खजनी से श्रीराम चौहान और चिल्लूपार से राजेश त्रिपाठी विजयी रहे।