गोरखपुर जिला अस्पताल: 11:30 बजे के बाद पहुंचे तो नहीं होगी जांच, हर जगह लगी है लंबी लाइन
जिला अस्पताल के प्रशासनिक अफसर डॉ. प्रशांत अस्थाना ने कहा कि जांच में मनमानी की कुछ शिकायतें मिली हैं, जिस पर संबंधित कर्मचारियों से बात की गई। पहले भी निर्देश दिया जा चुका है कि दोपहर डेढ़ बजे तक सैंपल लिए जाने हैं। दोबारा निर्देश जारी किए जाएंगे।
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नेताजी सुभाष चंद्र बोस जिला चिकित्सालय में मरीज डॉक्टर से परामर्श तो ले सकते हैं, लेकिन जांच कराना आसान नहीं है। सीएमओ और एसआईसी के निर्देश के बावजूद पैथाेलॉजी में सुबह साढ़े आठ से 11:30 बजे तक ही सैंपल लिया जा रहा है। आज की जांच रिपोर्ट भी अगले दिन ही दी जाएगी। पैथाेलॉजी के सामने इसके लिए नोटिस भी चस्पा किया गया है, जबकि नियम डेढ़ बजे तक का है। सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड और एक्सरे में भी ऐसी ही हालत है।
जिला अस्पताल में हर दिन करीब ढाई हजार मरीज ओपीडी में आते हैं। इसमें से लगभग एक हजार मरीज नए व शेष पुराने होते हैं। इस भीड़ का फायदा उठाने के लिए कई दलाल भी सक्रिय हैं, जो मरीजों को बेहतर इलाज व जांच का झांसा देकर निजी पैथाेलॉजी व अस्पतालों में भेजते हैं।
30 सितंबर को अमर उजाला की पड़ताल के बाद अस्पताल प्रशासन ने व्यवस्था में सुधार का निर्देश जारी किया। सीएमओ और एसआईसी ने पत्र जारी कर निर्देश दिए कि पैथाेलॉजी में दोपहर डेढ़ बजे तक मरीजों के रक्त का सैंपल लिया जाएगा। इसके अलावा सिटी स्कैन, एक्सरे और अन्य जांच भी डेढ़ बजे तक की जाएगी। किसी मरीज को जांच से मना नहीं किया जाएगा।
इसके अलावा दलालों पर अंकुश के लिए अस्पताल परिसर में पुलिस चौकी खोलने और सीसीटीवी कैमरा लगवाने आदि का निर्णय भी लिया गया था। लेकिन ये सारे काम अभी भी पेंडिंग हैं। सबसे खराब हालत क्षेत्रीय निदान केंद्र स्थित पैथाेलॉजी की है।
मंगलवार को दोपहर 12 बजे पैथाेलॉजी के बाहर इक्का-दुक्का मरीज ही नजर आए। खून की जांच कराने पहुंचे झरना टोला के रमेश ने बताया कि यह कहकर लौटा दिया गया कि ब्लड सैंपल 11:30 बजे के बाद नहीं लिया जाएगा। रमेश को कर्मचारी ने वहां चस्पा नोटिस भी दिखाया।
सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड के लिए भी लाइन
जिला अस्पताल के प्रशासनिक अफसर डॉ. प्रशांत अस्थाना ने कहा कि जांच में मनमानी की कुछ शिकायतें मिली हैं, जिस पर संबंधित कर्मचारियों से बात की गई। पहले भी निर्देश दिया जा चुका है कि दोपहर डेढ़ बजे तक सैंपल लिए जाने हैं। दोबारा निर्देश जारी किए जाएंगे।