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राहत की खबर: गोरखपुर जिले को 526 दिन बाद कोरोना से मिली मुक्ति, टीकाकरण ने भी रोकी रफ्तार

Tue, 05 Oct 2021 09:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Tue, 05 Oct 2021 09:05 AM IST
सार

पिछले साल 26 अप्रैल 2020 को कोरोना का पहला केस मिला था।बीआरडी मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसे भर्ती किया था। 26 मई को वे ठीक होकर घर चले गए, लेकिन एक सप्ताह बाद ही उनकी हार्ट-अटैक से मौत हो गई।

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Gorakhpur district got freedom from Corona after 526 days
कोरोना वायरस। - फोटो : PTI

विस्तार

गोरखपुर में कोरोना महामारी के बीच जिलावासियों के लिए राहत भरी खबर है कि 526 दिन बाद सोमवार को जिले को कोरोना से मुक्ति मिल गई है। चार अक्तूबर को एक्टिव केस शून्य हो गया है। यानी, जिले में अब कोरोना का एक भी सक्रिय मरीज नहीं है। सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने लोगों से अपील की है कि कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करें, ताकि केस न बढ़ने पाएं।

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जानकारी के मुताबिक, पिछले साल 26 अप्रैल 2020 को कोरोना का पहला केस मिला था। उरुवा के हाटा बुजुर्ग गांव के 49 साल के एक सज्जन दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से यहां आए थे। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसे भर्ती किया था। उनका एक माह तक इलाज चला था। 26 मई को वे ठीक होकर घर चले गए, लेकिन एक सप्ताह बाद ही उनकी हार्ट-अटैक से मौत हो गई।
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इसके बाद से जिले में संक्रमण की रफ्तार बढ़ने लगी। पहली लहर में एक मार्च 2021 तक 21700 लोग संक्रमित हो चुके थे और 367 की मौत चुकी थी। दूसरी लहर में एक मार्च से लेकर चार अक्तूबर तक 37 हजार लोग संक्रमित हुए। इस दौरान 482 की मौत हो चुकी है।
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दूसरी लहर में 25 अप्रैल को जिले में सबसे ज्यादा संक्रमित 1440 मिले थे। 30 अप्रैल को सक्रिय मरीजों की संख्या भी सबसे अधिक 10308 थी। अप्रैल माह में बीआरडी में मौतों का सिलसिला जारी था। हर दिन 10 से 15 संक्रमितों की मौत हो रही थी।
 

नहीं मिल रहे थे संक्रमितों को बेड

कोरोना संक्रमण की पहली लहर की अपेक्षा दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक थी। दूसरी लहर में ऑक्सीजन की किल्लत से लेकर मरीजों को बेड तक नहीं मिल रहे थे। हालात ऐसे हो गए थे कि कई मरीजों की जान तो एंबुलेंस में ही चली गई। हालात इतने खराब थे कि लोगों को निजी अस्पतालों तक में मुंहमांगे रुपये देने के बाद भी बेड नहीं मिल पा रहे थे।

टीकाकरण ने भी रोकी रफ्तार
कोरोना की दूसरी लहर के बीच कोविड संक्रमण को रोकने के लिए विभाग ने बड़े स्तर पर टीकाकरण की शुरुआत की। पहले चरण में हेल्थवर्कर और फ्रंटलाइन वर्करों को टीका लगाया गया। इसके बाद से जब आम नागरिकों को टीकाकरण लगना शुरु हुआ तो लोगों में उत्साह दिखा। इसका असर यह रहा है कि संक्रमण के मामले भी कम होने लगे। मौजूदा समय में करीब 28 लाख के आसपास लोगों को जिले भर में कोविड का टीका लगाया जा चुका है।

सीएमओ डॉ सुधाकर पांडेय ने कहा कि जिला कोरोना मुक्त हो गया है। यह जिलेवासियों के लिए राहत की बात है। लोग कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए, टीका जरूर लगवाएं।

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