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सीएम सिटी में विकास के लिए 'जमीन' तैयार कर रहा प्रशासन, 500 एकड़ भूमि कब्जा कराई मुक्त
Sat, 21 Nov 2020 05:17 PM IST
vivek shukla
अरुण चंद, गोरखपुर।
अरुण चंद, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 21 Nov 2020 05:17 PM IST
सार
- सिर्फ सदर तहसील क्षेत्र में ही साल भर में 3000 करोड़ कीमत की 500 एकड़ भूमि कब्जा मुक्त कराई
- हाल-फिलहाल में किसी भी विकास परियोजनाओं के लिए भूमि की कमी आड़े नहीं आएगी
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ताल सुमेर सागर की जमीन से हटाया जा चुका है अवैध कब्जा। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के गोरकपुर शहर एवं उसके आसपास के इलाकों में ही 500 एकड़ भूमि से कब्जा हटाकर उसे सुरक्षित किया जा चुका है। सिर्फ सर्किल रेट के मुताबिक ही इनकी बाजार में कीमत 3000 करोड़ रुपये से अधिक है। पूरे जिले की बात करें तो प्रशासन के पास 2000 एकड़ का लैंड बैंक तैयार हो चुका है।
गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद से गोरखपुर की सूरत तेजी से बदल रही है। एक-एक कर कई विकास परियोजनाएं जमीन पर उतर चुकी हैं तो कुछ के कार्य प्रगति पर हैं। आने वाले समय में कई और विकास परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। इनकी राह में भूमि की कमी न आड़े आए, इसलिए प्रशासन ने सालभर से अवैध कब्जों से जमीन मुक्त कराने का अभियान छेड़ रखा है।
ज्यादातर विकास परियोजनाओं के लिए शहर एवं उसके आसपास का इलाका ही मुफीद होता है इसलिए जिला प्रशासन का ज्यादा जोर सदर तहसील क्षेत्र की भूमि से कब्जा हटाने पर है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल के नेतृत्व में राजस्व की टीम ने अब तक शहर में ही 69 एकड़ भूमि से कब्जा हटाकर उसे सुरक्षित किया है। इनमें कई भूमि तो बीच शहर की हैं।
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गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद से गोरखपुर की सूरत तेजी से बदल रही है। एक-एक कर कई विकास परियोजनाएं जमीन पर उतर चुकी हैं तो कुछ के कार्य प्रगति पर हैं। आने वाले समय में कई और विकास परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। इनकी राह में भूमि की कमी न आड़े आए, इसलिए प्रशासन ने सालभर से अवैध कब्जों से जमीन मुक्त कराने का अभियान छेड़ रखा है।
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ज्यादातर विकास परियोजनाओं के लिए शहर एवं उसके आसपास का इलाका ही मुफीद होता है इसलिए जिला प्रशासन का ज्यादा जोर सदर तहसील क्षेत्र की भूमि से कब्जा हटाने पर है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल के नेतृत्व में राजस्व की टीम ने अब तक शहर में ही 69 एकड़ भूमि से कब्जा हटाकर उसे सुरक्षित किया है। इनमें कई भूमि तो बीच शहर की हैं।
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लीज खत्म होने के बाद भी प्रभाव के बूते जमे हुए थे लोग
नजूल और सीलिंग की कई जमीनों पर सालों से कब्जा था, मगर प्रशासन उसे नजरअंदाज करता आ रहा था। अब जबकि तेजी से जिले का विकास हो रहा है तो जमीन की जरूरत आ पड़ी है। नजूल और सीलिंग की जमीन से जुड़ी फाइलें खंगाली जा रही हैं। ऐसी कई जमीन खाली भी कराई गई।
नजूल की भूमि पर काबिज लोगों की लीज खत्म हुए पांच, 10 साल से अधिक का समय बीतने के बाद भी अपने प्रभाव के बूते लोग वहां जमे हुए थे। शहर में ही पार्क रोड पर सिटी मॉल के ठीक सामने करीब एक एकड़, रेलवे रोड स्थित बस स्टेशन और बिस्मिल पार्क के पास से प्रशासन ने सीलिंग की करीब दो एकड़ भूमि कब्जे से मुक्त कराई।
42 गांवों से 372 एकड़ भूमि कब्जा मुक्त हुई
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व सदर तहसील के एसडीएम गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि तहसील क्षेत्र के गांवों में भी भूमि सुरक्षित करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 42 गांवों से 372 एकड़ भूमि कब्जा मुक्त कराई जा चुकी है। पैमाइश कराकर उन्हें सुरक्षित कर लिया गया है।
नजूल की भूमि पर काबिज लोगों की लीज खत्म हुए पांच, 10 साल से अधिक का समय बीतने के बाद भी अपने प्रभाव के बूते लोग वहां जमे हुए थे। शहर में ही पार्क रोड पर सिटी मॉल के ठीक सामने करीब एक एकड़, रेलवे रोड स्थित बस स्टेशन और बिस्मिल पार्क के पास से प्रशासन ने सीलिंग की करीब दो एकड़ भूमि कब्जे से मुक्त कराई।
42 गांवों से 372 एकड़ भूमि कब्जा मुक्त हुई
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व सदर तहसील के एसडीएम गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि तहसील क्षेत्र के गांवों में भी भूमि सुरक्षित करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 42 गांवों से 372 एकड़ भूमि कब्जा मुक्त कराई जा चुकी है। पैमाइश कराकर उन्हें सुरक्षित कर लिया गया है।
1200 करोड़ की 14 एकड़ भूमि भी जल्द खाली होगी
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट का कहना है कि शहर में ही करीब 1200 करोड़ कीमत की 14 एकड़ भूमि जल्द खाली करा ली जाएगी। इसके प्रयास जारी हैं। सुमेर सागर पोखरे की 10 एकड़ से ज्यादा भूमि खाली करा ली गई है। बाकी बची भूमि भी जल्द खाली करा ली जाएगी। खरैया पोखरा की भूमि भी कब्जा मुक्त कराई जा रही है। कुछ और पोखरे चिह्नित किए गए हैं, उनकी कब्जा हो चुकी भूमि खाली कराई जाएगी।
बीएसएनएल दफ्तर के पास खाली कराई गई 50 डिसमिल भूमि
प्रशासन ने दिवाली के एक दिन पहले ही शहर के ठीक बीच में स्थित शास्त्री चौक के पास नजूल की 50 डिसमिल भूमि से सालों से चला आ रहा कब्जा हटाया। इस भूमि की कीमत भी करोड़ों में है।
कोट- 1
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि गोरखपुर में लगातार नई-नई विकास परियोजनाएं आ रही हैं। भूमि की कमी की वजह से कोई परियोजना लटके नहीं इसलिए प्रशासन सतर्क है। मुहिम छेड़कर लैंड बैंक तैयार किया जा रहा है। वर्तमान में जिले में 2000 एकड़ ऐसी सुरक्षित भूमि है जिसे आवश्यकतानुसार किसी परियोजना में इस्तेमाल किया जा सकता है। खाद कारखाना के आसपास ही ढाई-तीन सौ एकड़ जमीन है। लंबे समय से कब्जे में फंसी नजूल व सीलिंग की जमीन भी खाली कराई गई है। कुछ जमीनों को लेकर कोर्ट में मामला चल रहा है।
कोट- 2
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि नजूल, सीलिंग समेत सभी तरह की सरकारी भूमि से कब्जा हटाकर उसे सुरक्षित करने का अभियान लगातार चल रहा है। सदर तहसील क्षेत्र में अब तक करीब 500 एकड़ जमीन खाली कराई जा चुकी है जिसकी बाजार में कीमत तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक है।
बीएसएनएल दफ्तर के पास खाली कराई गई 50 डिसमिल भूमि
प्रशासन ने दिवाली के एक दिन पहले ही शहर के ठीक बीच में स्थित शास्त्री चौक के पास नजूल की 50 डिसमिल भूमि से सालों से चला आ रहा कब्जा हटाया। इस भूमि की कीमत भी करोड़ों में है।
कोट- 1
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि गोरखपुर में लगातार नई-नई विकास परियोजनाएं आ रही हैं। भूमि की कमी की वजह से कोई परियोजना लटके नहीं इसलिए प्रशासन सतर्क है। मुहिम छेड़कर लैंड बैंक तैयार किया जा रहा है। वर्तमान में जिले में 2000 एकड़ ऐसी सुरक्षित भूमि है जिसे आवश्यकतानुसार किसी परियोजना में इस्तेमाल किया जा सकता है। खाद कारखाना के आसपास ही ढाई-तीन सौ एकड़ जमीन है। लंबे समय से कब्जे में फंसी नजूल व सीलिंग की जमीन भी खाली कराई गई है। कुछ जमीनों को लेकर कोर्ट में मामला चल रहा है।
कोट- 2
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि नजूल, सीलिंग समेत सभी तरह की सरकारी भूमि से कब्जा हटाकर उसे सुरक्षित करने का अभियान लगातार चल रहा है। सदर तहसील क्षेत्र में अब तक करीब 500 एकड़ जमीन खाली कराई जा चुकी है जिसकी बाजार में कीमत तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक है।