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दस को जमानत मिली, जब्ती के आदेश का इंतजार
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दस को जमानत मिली, जब्ती के आदेश का इंतजार
गोरखपुर। बीस दिसंबर को जुमे की नमाज के बाद उत्पात मचाने के दौरान पकड़े गए जिन 23 लोगों को पुलिस ने जेल भेजा था, उसमें से दस को जमानत मिल गई है। वहीं पुलिस को अभी प्रशासन से जब्ती के आदेश का इंतजार है। आरोपितों की संपत्ति को जब्त करके नुकसान की भरपाई करनी है। दरअसल, ये वे दस लोग हैं जिनकी सिफारिश अमन पसंद लोगों ने की थी। प्रशासन की ओर से इन्हें राहत देने की योजना थी लेकिन शर्त यह थी कि पहले जुमे को शांतिपूर्ण तरीके से निपटाने में मदद करें। उनकी मदद के बाद प्रशासन ने भी मदद का हाथ बढ़ाया है।
जानकारी के मुताबिक बीस दिसंबर को लोगों ने नखास चौक पर उत्पात मचाया था। पुलिस को बल प्रयोग कर भीड़ को भगाना पड़ा था। इसके बाद पुलिस ने 39 नामजद और एक हजार अज्ञात पर केस दर्ज किया था। दूसरा केस धारा 144 के उल्लंघन में दर्ज किया गया था। इसी धारा के तहत पकड़े गए 23 लोगों का शांतिभंग में चालान किया गया था। जिनकी रिहाई के लिए लगातार कई इमाम और जनप्रतिनिधि सिफारिश कर रहे थे। प्रशासनिक अफसरों ने सहयोग की बात कही थी जिसके बाद से दस लोगों को राहत दी गई है।
शांतिभंग के आरोपित दस लोगों के रिहाई आदेश आने के बाद छोड़ा गया है। - डॉ. रामधनी, जेल अधीक्षक
अभी जब्ती की नोटिस हासिल नहीं हो सकी है। नोटिस आते ही आरोपितों के घरों पर चस्पा की जाएगी। - वीपी सिंह, सीओ कोतवाली
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गोरखपुर। बीस दिसंबर को जुमे की नमाज के बाद उत्पात मचाने के दौरान पकड़े गए जिन 23 लोगों को पुलिस ने जेल भेजा था, उसमें से दस को जमानत मिल गई है। वहीं पुलिस को अभी प्रशासन से जब्ती के आदेश का इंतजार है। आरोपितों की संपत्ति को जब्त करके नुकसान की भरपाई करनी है। दरअसल, ये वे दस लोग हैं जिनकी सिफारिश अमन पसंद लोगों ने की थी। प्रशासन की ओर से इन्हें राहत देने की योजना थी लेकिन शर्त यह थी कि पहले जुमे को शांतिपूर्ण तरीके से निपटाने में मदद करें। उनकी मदद के बाद प्रशासन ने भी मदद का हाथ बढ़ाया है।
जानकारी के मुताबिक बीस दिसंबर को लोगों ने नखास चौक पर उत्पात मचाया था। पुलिस को बल प्रयोग कर भीड़ को भगाना पड़ा था। इसके बाद पुलिस ने 39 नामजद और एक हजार अज्ञात पर केस दर्ज किया था। दूसरा केस धारा 144 के उल्लंघन में दर्ज किया गया था। इसी धारा के तहत पकड़े गए 23 लोगों का शांतिभंग में चालान किया गया था। जिनकी रिहाई के लिए लगातार कई इमाम और जनप्रतिनिधि सिफारिश कर रहे थे। प्रशासनिक अफसरों ने सहयोग की बात कही थी जिसके बाद से दस लोगों को राहत दी गई है।
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शांतिभंग के आरोपित दस लोगों के रिहाई आदेश आने के बाद छोड़ा गया है। - डॉ. रामधनी, जेल अधीक्षक
अभी जब्ती की नोटिस हासिल नहीं हो सकी है। नोटिस आते ही आरोपितों के घरों पर चस्पा की जाएगी। - वीपी सिंह, सीओ कोतवाली