दो दिन बंद रहेगा गोरखपुर कलेक्ट्रेट, दीवानी न्यायालय को बंद करने की मांग, ये है वजह
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गोरखपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पुलिस कार्यालय में सोमवार को कोरोना संक्रमित मिलने के बाद पूरे कलेक्ट्रेट को कंटेनमेंट जोन घोषित करते हुए 21 और 22 जुलाई के लिए बंद कर दिया गया है। इस दौरान सिर्फ कोविड-19 कंट्रोल रूम, एनआईसी का वीडियो कांफ्रेंसिंग हॉल और रजिस्ट्री कार्यालय ही खुला रहेगा।
एडीएम फाइनेंस राजेश कुमार सिंह ने बताया कि दोनों दिन कलेक्ट्रेट में स्थित सभी दफ्तरों और परिसर का सैनिटाइजेशन कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि बैनामा कराने के लिए जिन्हें रजिस्ट्री दफ्तर जाना है वे कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार से प्रवेश करते ही बाएं मुड़ जाएंगे। कोई भी व्यक्ति परिसर में इधर-उधर घूमता मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि कार्यालय बंद रहने तक परिसर के सभी कार्यालयों के अफसर-कर्मचारी बिना उच्चाधिकारियों की अनुमति के शहर से बाहर नहीं जा सकते। वे अपने घरों से ही काम करेंगे और फोन पर उपलबध रहेंगे।
दीवानी न्यायालय को बंद करने की मांग
बता दें कि इसके पहले एसएसपी दफ्तर में एक कर्मचारी के संक्रमित पाए जाने की वजह से 15 और 16 जुलाई को भी कलेक्ट्रेट परिसर बंद था। सिर्फ एक दिन शुक्रवार यानी 17 जुलाई को दफ्तर खुला मगर लॉकडाउन की वजह से फिर दो दिन शनिवार और रविवार को बंद हो गया। सोमवार को दफ्तर खुला तो फिर बंद करने की नौबत आ गई।
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए बार एसोसिएशन सिविल कोर्ट ने पत्र लिखकर दीवानी न्यायालय परिसर को एक सप्ताह के लिए बंद करने की मांग उच्च न्यायालय इलाहाबाद के मुख्य न्यायमूर्ति से की है। बार एसोसिएशन सिविल कोर्ट गोरखपुर के मंत्री अजय कुमार शुक्ल ने सोमवार को इस आशय में उच्च न्यायालय इलाहाबाद के मुख्य न्यायमूर्ति को संबोधित पत्र जनपद न्यायाधीश गोविंद बल्लभ शर्मा को दिया।