वाराणसी-प्रयागराज से भी ज्यादा प्रदूषित सीएम योगी का शहर, एक सप्ताह में दोगुना हुआ स्तर
- एयर क्वालिटी इंडेक्स स्वास्थ्य को दिक्कत पहुंचाने वाले स्तर पर पहुंचा
- इस प्रदूषण में वातावरण में पीएम-2.5 की मात्रा में होता है इजाफा, जो स्वास्थ्य के लिए होता है नुकसानदायक
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सीएम योगी का शहर गोरखपुर में वायु प्रदूषण का स्तर बहुत तेजी से बढ़ रहा है। इन दिनों यह वाराणसी और प्रयागराज से भी ज्यादा प्रदूषित शहर हो गया है। गोरखपुर में पिछले एक सप्ताह में प्रदूषण स्तर तकरीबन दोगुना बढ़ गया है। वातावरण में पार्टिकल मैटर (पीएम) 2.5 की की मात्रा काफी बढ़ गई है जो किसी भी आदमी के लिए काफी खतरनाक मानी जाती है। गुरुवार को जहां वाराणसी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 153 और प्रयागराज का 117 दर्ज किया गया, वहीं गोरखपुर का एक्यूआई 163 जा पहुंचा। पिछले एक सप्ताह में प्रदूषण तकरीबन दोगुना हो गया है।
दरअसल, इन दिनों हवा में नमी काफी बढ़ गई है। साथ ही हवा की रफ्तार भी काफी कम हो गई है। इसकी वजह से गाड़ियों, फैक्टरियों, जेनरेटरों आदि से निकलने वाला धुआं वायुमंडल की निचली लेयर में ही फैला रहता है। जिससे हवा की गुणवत्ता काफी खराब हो जाती है।
गोरखपुर एनवायरमेंटल एक्शन ग्रुप के मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि एक्यूआई बढ़ना इस बात का संकेत है कि हवा में पीएम 2.5 की मात्रा काफी बढ़ गई है। यह सांस के रोगियों के लिए हानिकारक है।
ये है गोरखपुर के आंकड़ें
- तारीख एक्यूआई
- 04 अक्तूबर 88
- 05 अक्तूबर 85
- 06 अक्तूबर 90
- 07 अक्तूबर 114
- 08 अक्तूबर 130
- 09 अक्तूबर 116
- 10 अक्तूबर 108
- 11 अक्तूबर 139
- 12 अक्तूबर 135
- 13 अक्तूबर 160
- 14 अक्तूबर 162
- 15 अक्तूबर 163
छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. वीएन अग्रवाल ने बताया कि एयर क्वालिटी इंडेक्स जैसे ही खराब होता है, वैसे ही सांस के मरीजों की परेशानी बढ़ने लगती है। दमा के अटैक की आशंका भी बढ़ जाती है। ऐसे लोगों को इस समय सावधान रहने की जरूरत है। हालांकि कोरोना की वजह से ज्यादातर लोग मास्क लगा रहे हैं। फिर भी कोशिश करनी चाहिए घर से बाहर थोड़ा कम ही निकला जाए।