फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Gorakhpur city polluted more than Varanasi and Prayagraj

वाराणसी-प्रयागराज से भी ज्यादा प्रदूषित सीएम योगी का शहर, एक सप्ताह में दोगुना हुआ स्तर

Sat, 17 Oct 2020 02:50 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: vivek shukla Updated Sat, 17 Oct 2020 02:50 PM IST
सार

  • एयर क्वालिटी इंडेक्स स्वास्थ्य को दिक्कत पहुंचाने वाले स्तर पर पहुंचा
  • इस प्रदूषण में वातावरण में पीएम-2.5 की मात्रा में होता है इजाफा, जो स्वास्थ्य के लिए होता है नुकसानदायक

 

विज्ञापन
Gorakhpur city polluted more than Varanasi and Prayagraj
वायु प्रदूषण (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : पीटीआई

विस्तार

सीएम योगी का शहर गोरखपुर में वायु प्रदूषण का स्तर बहुत तेजी से बढ़ रहा है। इन दिनों यह वाराणसी और प्रयागराज से भी ज्यादा प्रदूषित शहर हो गया है। गोरखपुर में पिछले एक सप्ताह में प्रदूषण स्तर तकरीबन दोगुना बढ़ गया है। वातावरण में पार्टिकल मैटर (पीएम) 2.5 की की मात्रा काफी बढ़ गई है जो किसी भी आदमी के लिए काफी खतरनाक मानी जाती है। गुरुवार को जहां वाराणसी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 153 और प्रयागराज का 117 दर्ज किया गया, वहीं गोरखपुर का एक्यूआई 163 जा पहुंचा। पिछले एक सप्ताह में प्रदूषण तकरीबन दोगुना हो गया है।

विज्ञापन


दरअसल, इन दिनों हवा में नमी काफी बढ़ गई है। साथ ही हवा की रफ्तार भी काफी कम हो गई है। इसकी वजह से गाड़ियों, फैक्टरियों, जेनरेटरों आदि से निकलने वाला धुआं वायुमंडल की निचली लेयर में ही फैला रहता है। जिससे हवा की गुणवत्ता काफी खराब हो जाती है।
विज्ञापन


गोरखपुर एनवायरमेंटल एक्शन ग्रुप के मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि एक्यूआई बढ़ना इस बात का संकेत है कि हवा में पीएम 2.5 की मात्रा काफी बढ़ गई है। यह सांस के रोगियों के लिए हानिकारक है।

विज्ञापन
विज्ञापन

ये है गोरखपुर के आंकड़ें

  • तारीख            एक्यूआई
  • 04 अक्तूबर       88
  • 05 अक्तूबर       85
  • 06 अक्तूबर       90
  • 07 अक्तूबर      114
  • 08 अक्तूबर      130
  • 09 अक्तूबर      116
  • 10 अक्तूबर      108
  • 11 अक्तूबर      139
  • 12 अक्तूबर      135
  • 13 अक्तूबर      160
  • 14 अक्तूबर      162
  • 15 अक्तूबर      163    


छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. वीएन अग्रवाल ने बताया कि एयर क्वालिटी इंडेक्स जैसे ही खराब होता है, वैसे ही सांस के मरीजों की परेशानी बढ़ने लगती है। दमा के अटैक की आशंका भी बढ़ जाती है। ऐसे लोगों को इस समय सावधान रहने की जरूरत है। हालांकि कोरोना की वजह से ज्यादातर लोग मास्क लगा रहे हैं। फिर भी कोशिश करनी चाहिए घर से बाहर थोड़ा कम ही निकला जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed