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मास्टर प्लान 2031 में शामिल किए जाएंगे गोरखपुर के 233 राजस्व गांव, निर्माण के लिए यहां लेनी होगी अनुमति
Wed, 23 Dec 2020 12:23 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 23 Dec 2020 12:23 PM IST
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गोरखपुर विकास प्राधिकरण
- फोटो : अमर उजाला
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गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की सीमा में शामिल हुए नये 233 राजस्व ग्रामों को नए मास्टर प्लान 2031 में भी शामिल किया जाएगा। इसके बाद इन गांवों में भी बिना जीडीए की अनुमति के निर्माण नहीं हो सकेगा।
प्रदेश कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद जीडीए के अफसरों को उम्मीद है कि दो दिन के भीतर राजस्व ग्रामों को जीडीए में शामिल करने का नोटिफिकेशन भी जारी हो जाएगा। इसके बाद बढ़े हुए दायरे को मास्टर प्लान 2031 में शामिल कर वहां विकास को लेकर कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
मगर मास्टर प्लान तैयार होने तक इन क्षेत्रों में निर्माण को लेकर जीडीए की तरफ से कोई बंदिश नहीं रहेगी। महायोजना में भू-प्रयोग तय होगा, जिसके बाद यह साफ हो सकेगा कि कौन सा क्षेत्र कृषि के लिए और कौन सा आवासीय होगा। इसी तरह तालाब, पार्क, स्वास्थ्य सेवा, कूड़ा निस्तारण, खेल का मैदान, सामुदायिक सेवा आदि के लिए जमीन का निर्धारण होगा। नगर नियोजन के अफसरों का कहना है कि जीडीए में शामिल हुए नए गांवों में विकसित भाग को छोड़कर मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा।
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प्रदेश कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद जीडीए के अफसरों को उम्मीद है कि दो दिन के भीतर राजस्व ग्रामों को जीडीए में शामिल करने का नोटिफिकेशन भी जारी हो जाएगा। इसके बाद बढ़े हुए दायरे को मास्टर प्लान 2031 में शामिल कर वहां विकास को लेकर कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
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मगर मास्टर प्लान तैयार होने तक इन क्षेत्रों में निर्माण को लेकर जीडीए की तरफ से कोई बंदिश नहीं रहेगी। महायोजना में भू-प्रयोग तय होगा, जिसके बाद यह साफ हो सकेगा कि कौन सा क्षेत्र कृषि के लिए और कौन सा आवासीय होगा। इसी तरह तालाब, पार्क, स्वास्थ्य सेवा, कूड़ा निस्तारण, खेल का मैदान, सामुदायिक सेवा आदि के लिए जमीन का निर्धारण होगा। नगर नियोजन के अफसरों का कहना है कि जीडीए में शामिल हुए नए गांवों में विकसित भाग को छोड़कर मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा।
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अवैध तरीके से कॉलोनी बसा रहे बिल्डरों की नींद उड़ी
जीडीए का दायरा शहर के चारों तरफ बढ़ जाने से बिना रेरा में पंजीकरण या फिर प्राधिकरण से बिना ले-आउट स्वीकृत कराए जगह-जगह अवैध कॉलोनियां बसाने वालों की नींद उड़ गई है। उनमें हड़कंप है। मंगलवार को दिनभर कई बिल्डर एक-दूसरे के संपर्क में रहे और आगे होने वाली कार्रवाई के बारे में पूछताछ करते रहे।
दरअसल देवरिया बाईपास पर खोराबार के आगे तक, गोरखपुर वाराणसी मार्ग पर सेवई बाजार तक मेडिकल रोड पर भटहट तक और सोनौली रोड पर महेसरा पुल के काफी आगे तक कई अवैध कॉलोनियां विकसित की गईं हैं। ऐसे में शहर के बाहर काफी दूर तक का इलाका जीडीए की सीमा में आ जाने से अब ये अवैध तरीके से प्लाटिंग करने वालों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। मास्टर प्लान 2031 तैयार होते ही जीडीए कभी भी इनपर कार्रवाई कर सकेगा क्योंकि तब यह स्पष्ट हो जाएगा कि जहां ये अवैध कॉलोनी विकसित कर प्लाटिंग की जा रही हैं उनका लैंडयूज क्या होगा।
जीडीए सचिव रामसिंह गौतम ने बताया कि जीडीए के सीमा विस्तार को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। अभी नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। नोटिफिकेशन के बाद विस्तार को लेकर मामला बोर्ड में रखा जाएगा। इसके बाद नए एरिया को मास्टर प्लान में शामिल किया जाएगा। विस्तारीकरण से लैंड बैंक की समस्या दूर होगी।
दरअसल देवरिया बाईपास पर खोराबार के आगे तक, गोरखपुर वाराणसी मार्ग पर सेवई बाजार तक मेडिकल रोड पर भटहट तक और सोनौली रोड पर महेसरा पुल के काफी आगे तक कई अवैध कॉलोनियां विकसित की गईं हैं। ऐसे में शहर के बाहर काफी दूर तक का इलाका जीडीए की सीमा में आ जाने से अब ये अवैध तरीके से प्लाटिंग करने वालों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। मास्टर प्लान 2031 तैयार होते ही जीडीए कभी भी इनपर कार्रवाई कर सकेगा क्योंकि तब यह स्पष्ट हो जाएगा कि जहां ये अवैध कॉलोनी विकसित कर प्लाटिंग की जा रही हैं उनका लैंडयूज क्या होगा।
जीडीए सचिव रामसिंह गौतम ने बताया कि जीडीए के सीमा विस्तार को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। अभी नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। नोटिफिकेशन के बाद विस्तार को लेकर मामला बोर्ड में रखा जाएगा। इसके बाद नए एरिया को मास्टर प्लान में शामिल किया जाएगा। विस्तारीकरण से लैंड बैंक की समस्या दूर होगी।