गोरखनाथ मंदिर: बिहार पुलिस की मदद से संदिग्ध के बयान की सच्चाई जांच रही पुलिस
आरोपी बिहार से आया है और उसके पास तमंचा मिला है और वह भी सीएम के आगमन से 1 दिन पहले इस वजह से पुलिस कोई चूक नहीं करना चाह रही है। एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि पुलिस पूछताछ के आधार पर हर बातों का सत्यापन कर रही है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोरखनाथ मंदिर गेट पर बैग से तमंचा मिलने के बाद पुलिस गहनता से छानबीन कर रही है। पुलिस बिहार पुलिस से संपर्क कर उसके बताए गए पते और दिए गए बयान का सत्यापन कर रही है कि आरोपी कितना सच बोल रहा है। खबर है कि पुलिस काली मंदिर के उस व्यापारी से भी संपर्क कर रही है, जिसके दुकान पर वह सामान खरीदने की बात बोल रहा है, क्या व्यापारी पहले गोरखपुर आया था या पहली बार आया है इसकी भी जांच की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, संदिग्ध सुबोध से अलग हटाकर पुलिस ने 10 साल के बच्चे से भी पूछताछ की है। उसे चॉकलेट और खेलने का माहौल देकर पुलिस ने यहां आने के बारे में पूछा तो उसने यही बताया है कि पिता से उसने ही जिद की थी कि गोरखनाथ मंदिर उसे घूमने जाना है। क्योंकि बच्चे की उम्र कम है इस वजह से पुलिस इस बात का भी संदेह कर रही है कि कही उसे बरगला कर उसका सॉफ्ट कॉर्नर के रूप में इस्तेमाल तो नहीं किया गया है।
फिलहाल पुलिस आरोपी के दिए गए बयान के एक-एक बिंदु का सत्यापन कर रही है। वह कब आया, कहां-कहां गया और किस-किस से मिला इन सभी बिंदुओं की पुलिस गहनता से पड़ताल कर रही है। दरअसल, सीएम योगी आदित्यनाथ को लेकर लगातार खुफिया सूचना रहती है कि वह आतंकियों के निशाने पर हैं और पूर्व में गोरखनाथ मंदिर में गोरखपुर के रहने वाले हैं मुर्तुजा रहमान अब्बासी ने हमले भी कर चुका है, इस वजह से पुलिस मामले को गंभीरता से ले रही है।
इसे भी पढ़ें: गोरखनाथ मंदिर में तमंचा लेकर घुस रहा युवक गिरफ्तार, पुलिस कर रही है पूछताछ
दूसरे आरोपी बिहार से आया है और उसके पास तमंचा मिला है और वह भी सीएम के आगमन से 1 दिन पहले इस वजह से पुलिस कोई चूक नहीं करना चाह रही है। एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि पुलिस पूछताछ के आधार पर हर बातों का सत्यापन कर रही है। जांच के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
30 जनवरी 2023 को मुर्तुजा ने किया था हमला
30 जनवरी 2023 को गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा में तैनात पीएसी जवान अनिल कुमार पासवान और अन्य लोगों पर बांके से हमला कर सनसनी फैला दी थी। बाद में जांच में पाया गया कि गोरखपुर के डॉक्टर परिवार से ताल्लुक रखने वाला मुर्तुजा बड़ी घटना की फिराक में था और वह आईएसआई से प्रभावित था। जांच के आधार पर उसे आतंकी साबित करते हुए फांसी की सजा सुनाई गई है। फिलहाल वह जेल में बंद है।