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गोल्ड हॉस्पिटल प्रकरण: गोरखपुर में खुले अवैध अस्पताल में लखनऊ के डॉक्टर की थी डिग्री, दर्ज हो सकता है केस
Sat, 27 Jul 2024 10:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 27 Jul 2024 10:08 AM IST
सार
मंगलवार देर रात प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग और पुलिस टीम के साथ गोल्ड हॉस्पिटल पर छापा मारा था। वहां महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, देवरिया आदि जिलों के कुल नौ मरीज भर्ती मिले। जिनका बिना डॉक्टर के इलाज चल रहा था। अस्पताल को सीज कर दिया गया था। जांच टीम की रिपोर्ट के
आधार पर संचालक पर दर्ज मुकदमे में इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट की धारा को भी बढ़ाया जा सकता है।
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गोल्ड अस्पताल को सील करते अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मेडिकल कॉलेज के सामने बिना पंजीकरण चलते मिले गोल्ड हॉस्पिटल प्रकरण में लखनऊ के डॉक्टर पर भी केस दर्ज हो सकता है। इसके अलावा जांच रिपोर्ट के आधार पर संचालक पर दर्ज मुकदमे में इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट की धारा को भी बढ़ाया जा सकता है। इस मामले की जांच तेज हो गई।
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बता दें कि मंगलवार देर रात प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग और पुलिस टीम के साथ गोल्ड हॉस्पिटल पर छापा मारा था। वहां महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, देवरिया आदि जिलों के कुल नौ मरीज भर्ती मिले। जिनका बिना डॉक्टर के इलाज चल रहा था।
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हॉस्पिटल में आयुष्मान योजना से जुड़े मरीज भी भर्ती थे। जबकि हॉस्पिटल का पंजीकरण ही नहीं था, उसे आयुष्मान भारत योजना के अधीन भी संबद्ध नहीं किया गया था। टीम ने जब हॉस्पिटल के कागजात चेक किया तो पता चला कि पिछले साल इसका पंजीकरण लखनऊ के डॉक्टर की डिग्री पर कराया गया था।
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टीम ने जब डॉक्टर से बात की तो उसने बताया कि वह लखनऊ में प्रैक्टिस करते हैं। बहुत कम उनका गोरखपुर आना होता है। इसके बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हॉस्पिटल को सील कर संचालक त्रिभुवन निषाद पर 24 जुलाई को जालसाजी का केस दर्ज कराया था।
अब इस मामले में लखनऊ का डॉक्टर, जिसके नाम पर हॉस्पिटल पंजीकृत था, उसे भी कार्रवाई की जद में लाने के लिए जरूरी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस विवेचना में डॉक्टर का नाम और इस केस में इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट की धारा भी बढ़ सकती है। इसकी तैयारी चल रही है। एसपी उत्तरी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि विवेचना चल रही है। जो भी इसमें दोषी पाया जाएगा, उसके विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी।
मंगलवार देर रात प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग और पुलिस टीम के साथ गोल्ड हॉस्पिटल पर छापा मारा था। वहां महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, देवरिया आदि जिलों के कुल नौ मरीज भर्ती मिले। जिनका बिना डॉक्टर के इलाज चल रहा था। अस्पताल को सीज कर दिया गया था। जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर संचालक पर दर्ज मुकदमे में इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट की धारा को भी बढ़ाया जा सकता है।