Gorakhpur News: गोड़धोइया नाला एसटीपी 17 वार्डों का गंदा पानी करेगा साफ, 19.3 किमी बनेगा नाला
सीवर लाइन से कुल 17 वार्डों जंगल तुलसीराम वेस्ट, शिवपुर शहबाजगंज, जंगल शालीग्राम, जंगल तुलसीराम ईस्ट रेलवे कॉलोनी बिछिया, शाहपुर, भेड़ियागढ़, घोसीपुरवा, सेमरा, बशारतपुर, मानबेला, राप्तीनगर, लोहियानगर जंगल नकहा, रामजानकी नगर, शक्तिनगर एवं चक्सा हुसैन के करीब 44,300 घरों से निकलने वाले गंदे पानी को जोड़ा जाएगा।
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गोरखपुर जिले के गोड़धोइया नाला के पानी को साफ करने के लिए 38 मिलियन लीटर प्रति दिन (एमएलडी) क्षमता वाला सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनेगा। यह शहर के 17 वार्डों से निकलने वाले गंदे पानी को साफ करेगा। इन वार्डों के 44 हजार से भी ज्यादा घरों से निकलने वाले पानी को टैप कर एसटीपी तक पहुंचाया जाएगा।
शासन ने गोड़धोइया नाले एवं रामगढताल के जीर्णोद्धार के लिए 474.42 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। इसके तहत कार्यदायी संस्था 19.364 किलोमीटर इंटरसेप्टिंग सीवर लाइन बिछाएगी। इस सीवर लाइन से कुल 17 वार्डों जंगल तुलसीराम वेस्ट, शिवपुर शहबाजगंज, जंगल शालीग्राम, जंगल तुलसीराम ईस्ट रेलवे कॉलोनी बिछिया, शाहपुर, भेड़ियागढ़, घोसीपुरवा, सेमरा, बशारतपुर, मानबेला, राप्तीनगर, लोहियानगर जंगल नकहा, रामजानकी नगर, शक्तिनगर एवं चक्सा हुसैन के करीब 44,300 घरों से निकलने वाले गंदे पानी को जोड़ा जाएगा।
ऐसे में इन वार्डों के सीवेज जो नाले में बहते हैं, वह 38 एमएलडी क्षमता वाले सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पर शोधित होने के बाद रामगढ़ ताल में प्रवाहित होंगे। वहीं इसके बनने से इन वार्डों की कुल 2.20 लाख जनसंख्या लाभान्वित होगी।
अगले 30 साल तक दिन प्रतिदिन साफ होगा रामगढ़ ताल का पानी
इस सीवर लाइन और ट्रीटमेंट प्लांट बनने से अगले 30 वर्षों तक गोड़धोइया नाले के इंटरसेप्शन, डायवर्जन एवं ट्रीटमेंट कार्य होने से रामगढ़ताल के पानी की गुणवत्ता में उत्तरोत्तर सुधार होगा। रामगढ़ताल में जाने वाले अधिकांश सिल्ट व स्लज की मात्रा में कमी होने से जल धारण की क्षमता लंबे अवधि तक प्रभावित नहीं होगी। दूसरी तरफ गोड़धोइया नाले के अतिक्रमण मुक्त होने से बारिश के दिनों में पानी के कैचमेंट के विभिन्न मोहल्लों में जलभराव की समस्या से भी निदान मिलेगी।
नाले के दोनों तरफ रोड व लैंडस्केपिंग बनेंगे आकर्षण
गोड़धोइया नाला एसटीपी के लिए 19.364 किलोमीटर इंटरसेप्टिंग सीवर लाइन, 38 एमएलडी क्षमता का एसटीपी, 61 एमएलडी क्षमता का मेन पंपिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके बनने के बाद गोड़धोइया नाले के दोनों तरफ सुंदरीकरण कार्य के क्रम में सीसी सड़क, लैंडस्केपिंग, 22 छोटे पुल-पुलिया के अलावा पास के क्षेत्र के लोगों को घूमने, टहलने के लिए भी कई निर्माण कार्य होंगे।
जलनिगम अधिशासी अभियंता रतनसेन सिंह ने कहा कि गोड़धोइया नाले के सुंदरीकरण के लिए शासन से फंड जारी हो चुका है। जल्द इसकी शुरुआत कर दी जाएगी। नाले के दोनों ओर फेंसिंग भी बनाई जाएगी। ताकि लोग नाले में कूड़ा-कचरा न फेंक सकें। 2024 तक निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा।