बिजली कटौती: गोरखपुर में गीडा उद्यमियों को उठाना पड़ रहा भारी नुकसान, लाखों रुपये का डीजल जेनरेटर चलाने में हो चुका है खर्च
चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के उपाध्यक्ष आरएन सिंह ने बताया कि नुकसान सभी को हुआ है। बिजली विभाग के सामने समस्या उठाई गई है। इसका समाधान करने का आश्वासन दिया गया है। लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष दीपक कारीवाल ने बताया कि कई दिनों से बड़े पैमाने पर समस्या थी, जिसके कारण काफी नुकसान हुआ है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गीडा औद्योगिक क्षेत्र में बिजली कटौती से उद्यमियों को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि जेनरेटर चलाने में उन्हें डीजल पर लाखों रुपये खर्च करने पड़ गए हैं। वहीं बार-बार कटौती से माल भी खराब हो रहा है। हालांकि रविवार शाम बिजली निगम की ओर से एक ट्रांसफार्मर लगा दिया गया है।
पिछले कई दिनों से गीडा में लाइन ट्रिपिंग की समस्या है। प्लास्टिक बैग बनाने वाले एबीआर लिमिटेड के अशोक शा के अनुसार उनके यहां करीब 1100 लीटर डीजल की खपत हुई। इसी तरह कई और फैक्ट्रियों में भी जनरेटर चलाना पड़ा। उत्पादन के दौरान फैक्ट्रियों की मशीन में पड़े माल खराब होने से भारी नुकसान हुआ है।
चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के उपाध्यक्ष आरएन सिंह ने बताया कि नुकसान सभी को हुआ है। बिजली विभाग के सामने समस्या उठाई गई है। इसका समाधान करने का आश्वासन दिया गया है। लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष दीपक कारीवाल ने बताया कि कई दिनों से बड़े पैमाने पर समस्या थी, जिसके कारण काफी नुकसान हुआ है। बिजली निगम को व्यवस्था में स्थायी रूप से सुधार करना होगा।
लगाया गया ट्रांसफार्मर
उद्यमियों की समस्या के निराकरण के लिए गीडा में नया ट्रांसफार्मर लगाया गया है। रविवार की शाम साढ़े चार बजे तक उसे चालू भी कर दिया गया। ट्रांसफार्मर लगने के बाद से स्थिति सामान्य है। उद्यमियों का कहना है कि रविवार को तो 70 प्रतिशत इकाइयां बंद थीं। सोमवार को जब सभी फैक्ट्रियां खुलेंगी तब पता चलेगा कि स्थिति सुधरी है या नहीं। बिजली निगम के मुख्य अभियंता अन्य अधिकारियों के साथ मंगलवार शाम चार बजे सीईओ गीडा कार्यालय में उद्यमियों के साथ बैठक भी करेंगे।