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ऐसे कैसे होगा विकास: गीडा ने उद्योग लगाने के लिए गड्ढे में आवंटित कर दी जमीन, फैक्ट्री लगाने में हो रही देरी
Fri, 09 Sep 2022 02:20 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 09 Sep 2022 02:20 PM IST
सार
डॉ. डीपी सिंह को सेक्टर-13 कालेसर में के-44 प्लॉट आवंटित किया गया, लेकिन जमीन करीब मुख्य सड़क से 15 फीट नीचे था। ऐसे में उद्यमी को मिट्टी भराने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। इसी तरह सेक्टर 15 के डी-1/12 प्लॉट अतुल सिंह को आवंटित कर दिया।
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सेक्टर 15 में अतुल सिंह को आवंटित आवास।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
जिस जमीन पर बारिश के दिनों में 15 से 20 फीट पानी भर जाता है। जमीन सरोवर वाली स्थिति में नजर आती है। ऐसी जमीनों को गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) ने उद्यमियों को फैक्ट्री लगाने के लिए आवंटित कर दिया है। ऐसे में आवंटियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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करीब दो साल पहले दिसंबर में गीडा ने 68 औद्योगिक भूखंडों को आवंटित किया था। अधिकांश जमीन सेक्टर 13 और 15 में आवंटित की गई है। इनमें डॉ. डीपी सिंह, अतुल सिंह समेत 68 उद्यमी शामिल हैं। आवंटन के बाद से इन उद्यमियों के सामने लो-लैंड की वजह से परेशानी पैदा हो गई।
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डॉ. डीपी सिंह को सेक्टर-13 कालेसर में के-44 प्लॉट आवंटित किया गया, लेकिन जमीन करीब मुख्य सड़क से 15 फीट नीचे था। ऐसे में उद्यमी को मिट्टी भराने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। इसी तरह सेक्टर 15 के डी-1/12 प्लॉट अतुल सिंह को आवंटित कर दिया। इससे उद्यमी के सामने अपनी फैक्ट्री लगाने में भी मुश्किल आ रही है।
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आवंटी डॉ. डीपी सिंह ने कहा कि जो जमीन आवंटित की गई है, वह काफी गहरी है। 15 फीट से ज्यादा मिट्टी डलवानी है। ऐसे में मिट्टी भराने में ही लाखों रुपये खर्च हो जाएंगे। गड्ढे वाली जमीन को लेकर कई बार आपत्ति की गई है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
आवंटी अतुल सिंह ने कहा कि फैक्ट्री लगानी है। लिहाजा मिट्टी की भराई खुद कर रहे हैं। आठ लाख रुपये से ज्यादा खर्च हो चुके हैं, लेकिन मात्र 10 से 15 प्रतिशत ही भराई हो सकी है। आवंटित जमीन 18 से 20 फीट गहरी थी। मिट्टी भी नहीं मिल पा रही है। गीडा प्रशासन का कोई सहयोग भी नहीं मिल रहा।
गीडा सीईओ पवन अग्रवाल ने कहा कि ‘‘जैसा है वैसी ही स्थिति में’’ नियम और शर्त के साथ जमीन का आवंटन किया गया है। गीडा प्रशासन की ओर से जमीन तक मूलभूत सुविधाएं विकसित करनी है। इसके लिए काम किया जा रहा है। समस्या को दूर करने के लिए हर संभव सहयोग किया जा रहा है।
गीडा गड्ढे पाट रहा, और न विकसित कर रहा अवस्थापना सुविधाएं
चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज ने गीडा प्रशासन पर आवंटित जमीन पर अवस्थापना सुविधाएं विकसित नहीं करने के साथ गड्ढों को नहीं पाटने का आरोप लगाया है। पार्क रोड स्थित एक होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष विष्णु अजीत सरिया, महामंत्री प्रवीण मोदी और उपाध्यक्ष आरएन सिंह ने कहा कि गीडा ने दिसंबर 2020 में 68 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया था। इन भूखंडों में 20-20 फीट तक के गड्ढे हैं। दो साल का समय पूरा होने को है, लेकिन गीडा प्रशासन ने न तो गड्ढों को पाटने का इंतजाम किया है। न ही अवस्थापना सुविधाएं ही विकसित की हैं।
वहीं, दो साल पूरा होते ही गीडा कई तरह के अतिरिक्त शुल्क और जुर्माना लगाने लगेगा। स्थिति यह है कि आवंटी भूखंड वापस करना चाहते हैं। पदाधिकारियों ने कहा कि गीडा में छोटे-छोटे काम के लिए दौड़ लगानी होती है। न तो सिटीजन चार्टर है और न ही सिंगल विंडो की व्यवस्था। सिटीजन चार्टर के तहत होने वाले कार्य समय से नहीं हो रहे हैं। इसके साथ ही बिजली की समस्या का भी स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। बार बार की ट्रिपिंग से फैक्ट्रियों में उत्पादन प्रभावित हो रहा है।
महामंत्री ने कहा कि गीडा बोर्ड की बैठक में एक उद्यमी को नामित करने की मांग की भी अनदेखी की जा रही है। गीडा में योजनाएं खूब बन रही हैं। खूब वादे हो रहे हैं लेकिन, काम नहीं हो रहा है। चेंबर के पदाधिकारियों ने इंडस्ट्रियल एरिया में हथकरधा विभाग की खाली जमीन पर फ्लैटेड फैक्ट्री बनाने की मांग की है। इस दौरान पूर्व अध्यक्ष एसके अग्रवाल, आकाश जालान, भोला जायसवाल आदि उपस्थित रहे।
वहीं, दो साल पूरा होते ही गीडा कई तरह के अतिरिक्त शुल्क और जुर्माना लगाने लगेगा। स्थिति यह है कि आवंटी भूखंड वापस करना चाहते हैं। पदाधिकारियों ने कहा कि गीडा में छोटे-छोटे काम के लिए दौड़ लगानी होती है। न तो सिटीजन चार्टर है और न ही सिंगल विंडो की व्यवस्था। सिटीजन चार्टर के तहत होने वाले कार्य समय से नहीं हो रहे हैं। इसके साथ ही बिजली की समस्या का भी स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। बार बार की ट्रिपिंग से फैक्ट्रियों में उत्पादन प्रभावित हो रहा है।
महामंत्री ने कहा कि गीडा बोर्ड की बैठक में एक उद्यमी को नामित करने की मांग की भी अनदेखी की जा रही है। गीडा में योजनाएं खूब बन रही हैं। खूब वादे हो रहे हैं लेकिन, काम नहीं हो रहा है। चेंबर के पदाधिकारियों ने इंडस्ट्रियल एरिया में हथकरधा विभाग की खाली जमीन पर फ्लैटेड फैक्ट्री बनाने की मांग की है। इस दौरान पूर्व अध्यक्ष एसके अग्रवाल, आकाश जालान, भोला जायसवाल आदि उपस्थित रहे।