औद्योगिक विकास की राह में रोड़े बने गीडा के आवंटी, जानें क्या है पूरा मामला
- गीडा: आवंटित प्लॉट 736, उद्योग 450 से भी कम
- 1998 में हुई गीडा की स्थापना, 1991 से किसानों से भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई हुई शुरू
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गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) के आवंटी औद्योगिक विकास की राह में रोड़े अटकाए हुए हैं। लॉकडाउन के दौरान गीडा प्रशासन की ओर से शुरू हुए सर्वे में यह हकीकत सामने निकल कर आ रही है। जहां गीडा औद्योगिक क्षेत्र में 736 प्लॉटों का आवंटन किया गया है, उनमें से 450 प्लॉटों पर ही उद्योग संचालित हो रहे हैं।
लॉकडाउन के दौरान गीडा की सभी इकाइयों में उत्पादन ठप था। शासन-प्रशासन की ओर से उद्योगों को शुरू कराने के लिए लॉकडाउन के दौरान विभिन्न प्रकार की छूट दिए जाने के बाद गीडा औद्योगिक क्षेत्र में 100 के आसपास ही उद्योग शुरू हो सके हैं। वहीं, गीडा प्रशासन की ओर से उद्योगों को संचालित करने के लिए मात्र 224 औद्योगिक इकाइयों के लिए पास जारी किया गया।
जबकि गीडा औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर 15 में 325 प्लॉटों का आवंटन किया गया है, जबकि सेक्टर 13 में 381 प्लॉटों का। इसके अलावा 30 शेड भी आवंटित किए गए हैं। इसके बावजूद उद्योगों के संचालन के लिए बड़ी संख्या में उद्योगपतियों के नहीं आने के बाद गीडा प्रशासन ने सभी आवंटित प्लॉटों पर सर्वे करना शुरू किया।
कागजों में चलते रहे उद्योग, गीडा प्रशासन मौन
गीडा की स्थापना 1998 में हुई। 1991 से किसानों से भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू हुई। वहीं 1993 से औद्योगिक प्लॉटों का आवंटन शुरू किया गया। गीडा औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना से लेकर 2020 के तकरीबन 30 साल के दौरान गीडा को 51 सीईओ मिले।
तीन दशक के दौरान उद्योगों को स्थापित कराने में गीडा प्रशासन में बहुत ज्यादा रुचि नहीं दिखाई गई। जिसकी वजह से स्थिति यह है कि आवंटित प्लॉटों में मात्र 60 प्रतिशत पर ही उद्योग चल पा रहे हैं। अब भी तकरीबन 40 प्रतिशत प्लॉट ऐसे हैं, जो खाली पड़े हुए हैं।
गीडा सीईओ संजीव रंजन ने बताया कि गीडा में संचालित सभी फैक्ट्रियों का सर्वे करवाया जा रहा है। बहुत सारे प्लॉट खाली भी हैं। जिन उद्यमियों द्वारा प्लॉटों के आवंटन में नियम और शर्तों का पालन नहीं किया गया है, उनमें से पांच या छह का आवंटन निरस्त किया गया है।
अन्य की जांच की जा रही है। जिन उद्यमियों द्वारा गीडा के नियम शर्तों का पालन नहीं किया गया है उनके प्लॉट को निरस्त करते हुए उनकी जमानत राशि जप्त की जाएगी।