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बाढ़ का कहर: गोरखपुर में फिर डराने लगी घाघरा नदी, लाल निशान के पहुंची करीब
Sat, 11 Sep 2021 09:51 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 11 Sep 2021 09:51 PM IST
सार
गोर्रा नदी लाल निशान से नीचे आई, तेजी से घट रहा रोहिन का पानी
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घाघरा नदी का जलस्तर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर में राप्ती नदी को छोड़ जनपद की सभी नदियां खतरे के लाल निशान से नीचे आ गई हैं, लेकिन घाघरा नदी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। शनिवार को घाघरा (सरयू) का जलस्तर खतरे के निशान से केवल 16 सेमी नीचे रह गया था। माना जा रहा है कि यदि इसी तरह पानी बढ़ता रहा तो रविवार शाम तक यह लाल निशान को पार कर सकती है।
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घाघरा नदी का जलस्तर लगातार तीन दिनों से बढ़ रहा है। यह नदी अयोध्या में तीन दिन पहले खतरे के निशान से 41 सेमी नीचे आ गई थी, लेकिन अब लाल निशान के करीब आ गई है। घाघरा नदी का बढ़ता जलस्तर लोगों को परेशान करने लगा है। इस नदी का पानी बढ़ने से गोला तहसील के अधिकतर गांव बाढ़ से प्रभावित हो गए थे। राम जानकी मार्ग को बंद करना पड़ा था। एक बार फिर इसके जलस्तर में वृद्धि होने से नदी के तटवर्ती क्षेत्रों के लोगों में डर बढ़ने लगा है। फिलहाल इस क्षेत्र में बाढ़ बचाव का कार्य जारी है।
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दूसरी तरफ राप्ती नदी के घटने की रफ्तार अब बढ़ने लगी है। शनिवार को राप्ती का जलस्तर 23 सेमी कम हुआ। फिर भी यह नदी खतरे के निशान से 1.16 मीटर ऊपर बह रही है। जब तक यह नदी खतरे के निशान से नीचे नहीं आएगी बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत नहीं मिलने वाली है। जलस्तर नीचे आने के बाद ही गांवों और कालोनियों में भरा पानी निकल पाएगा।
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इसके बाद ही अपने घरों को छोड़कर बंधों और अन्य जगहों पर शरण लिए लोग लौट पाएंगे। जलस्तर के लाल निशान से ऊपर रहने की वजह से इसके तटबंधों पर दबाव बना हुआ है। इस कारण जगह-जगह रिसाव भी हो रहा है। सिंचाई विभाग की टीमें लगातार बंधों की निगरानी कर रही हैं।
वहीं, रोहिन नदी शनिवार को खतरे के निशान से 2.27 सेमी नीचे पहुंच गई। जबकि कई जगहों पर तटबंधों को तोड़कर तबाही मचाने वाली गोर्रा नदी भी खतरे के निशान से नीचे बहने लगी है। गोर्रा खतरे के निशान से 95 सेमी नीचे आ गई है। आमी नदी का पानी भी कम हो गया है।