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राहत: बीआरडी में जल्द हो सकेगी जीनोम सीक्वेंसिंग की जांच, कई बीमारियों का भी लग सकेगा पता

Sat, 17 Jul 2021 06:32 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 17 Jul 2021 06:32 PM IST
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Genome sequencing will soon be investigated in BRD
बीआरडी मेडिकल कॉलेज। - फोटो : अमर उजाला
कोरोना वायरस के म्यूटेशन की जांच के लिए गोरखपुर और बस्ती मंडल के जिलेवासियों को परेशान होने की जरूरत नहीं होगी। जल्द ही बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में जीनोम सीक्वेसिंग की जांच हो सकेगी। जीनोम सीक्वेसिंग की जांच के लिए अन्य मशीनें माइक्रोबायोलॉजी विभाग में मौजूद है। केवल कैंपलरी सीक्वेसिंग मशीन नहीं है। इसके लिए शासन से वार्ता चल रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले माह मशीन मिल जाए।
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जानकारी के मुताबिक बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी टीम के पास बीएसएल थ्री लैब (बॉयोसेफ्टी लैब) की सुविधा है। इस लैब में आरएनए स्ट्रक्चर मशीन से लेकर बॉयोसेफ्टी कैबनेट तक की सुविधा उपलब्ध है। इन सुविधाओं की बदौलत माइक्रोबायोलॉजी की टीम एक दिन में 10 हजार कोरोना सैंपलों की जांच कर सकता है।
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ऐसे में जीनोम सीक्वेसिंग की जांच के लिए टीम को केवल कैंपलरी सीक्वेसिंग मशीन की जरूरत है। इसे लेकर शासन से वार्ता भी शुरू कर दी गई है। इस मशीन के आने के बाद जीनोम सीक्वेसिंग के अलावा अन्य जांचें भी हो सकेंगी। अब तक जीनोम सीक्वेसिंग की जांच के लिए माइक्रोबायोलॉजी की टीम को नमूना आईजीआईबी दिल्ली (इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी) दिल्ली भेजना पड़ रह है।
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इसकी वजह से जांच में देरी हो रही है। माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ अमरेश सिंह ने बताया कि सभी मशीनें जांच के लिए उपलब्ध है। केवल कैंपलरी सीक्वेसिंग मशीन नहीं है। इस मशीन के मिलने के बाद जीनोम सीक्वेसिंग के साथ अन्य जांच भी आसानी से हो सकेगी। इसे लेकर शासन से वार्ता चल रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही मिशीन मिल जाएं।


कई बीमारियों का भी लग सकेगा पता
जीनोम सिक्वेंसिंग मशीन लगने के बाद वायरस के डीएनए और आरएनए में बदलाव की पहचान हो सकेगी। इसके अलावा  माता-पिता से मिलने वाली अनुवांशिक बीमारियां जैसे थेलेसीमिया, हीमोफीलिया की स्क्रीनिंग भी की जाएगी, ताकि यह पता चलेगा कि यदि उनका कोई बच्चा जन्म लेता है तो उसे कोई बीमारी तो नहीं होगी।

 
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