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Gorakhpur News: खोराबार में गरीबों को भी आवास का तोहफा देगा जीडीए, आशियाने का सपना होगा पूरा
Fri, 10 Mar 2023 12:06 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 10 Mar 2023 12:06 PM IST
सार
जीडीए की ओर से खोराबार क्षेत्र में 175 एकड़ में आवासीय एवं मेडिसिटी परियोजना प्रस्तावित है। पहले होली में ही इसके शिलान्यास की तैयारी थी लेकिन किन्हीं वजहों से यह टल गई। अब वासंतिक नवरात्र में मुख्यमंत्री के हाथों इसकी आधारशिला रखने की योजना है।
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गोरखपुर विकास प्राधिकरण
- फोटो : Social Media
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विस्तार
आशियाने का सपना देख रहे गरीबों के लिए बड़ी राहत वाली सूचना है। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) अपनी प्रस्तावित खोराबार टाउनशिप परियोजना में दुर्बल आय वर्ग (ईडब्लूएस) और निम्न आय वर्ग (एलआईजी) के लोगों को सस्ते में आवास उपलब्ध कराएगा। इसके लिए तैयारी पूरी हो गई है। अगले महीने से आवासों के आवंटन के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी
प्राधिकरण से मिली जानकारी के मुताबिक 6.5 लाख रुपये में ईडब्ल्यूएस एवं करीब नौ लाख रुपये में एलआइजी आवास उपलब्ध कराया जाएगा। दोनों ही वर्गों के आवासों की संख्या करीब पांच-पांच सौ हो सकती है। ईडब्ल्यूएस आवास का कारपेट एरिया करीब 325 वर्ग फीट व एलआइजी आवास का कारपेट एरिया 450 वर्ग फीट होगा। इसे मिवान तकनीक से बनाया जाएगा। इसमें भूतल के साथ चार और तल होंगे। ईडब्ल्यूएस का कुल निर्मित क्षेत्रफल 450 वर्ग फीट तथा एलआइजी का कुल निर्मित क्षेत्रफल करीब 625 वर्ग फीट होगा। इसमें बरामदा एवं बालकनी भी शामिल होती है।
175 एकड़ में प्रस्तावित है खोराबार टाउनशिप
जीडीए की ओर से खोराबार क्षेत्र में 175 एकड़ में आवासीय एवं मेडिसिटी परियोजना प्रस्तावित है। पहले होली में ही इसके शिलान्यास की तैयारी थी लेकिन किन्हीं वजहों से यह टल गई। अब वासंतिक नवरात्र में मुख्यमंत्री के हाथों इसकी आधारशिला रखने की योजना है। निर्माण कार्य शुरू होने के साथ ही आवासों आदि के पंजीकरण की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी।
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महायोजना 2031: शासकीय समिति को प्रारुप भेजने की तैयारी तेज
गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) बोर्ड से महायोजना-2031 के संशोधित प्रारूप को स्वीकृति मिलने के बाद इसे शासकीय समिति को भेजने की कवायद तेज हो गई है। कार्यवृत्ति लगभग तैयार हो चुकी है और महायोजना तैयार करने वाले कंसलटेंट को संशोधित मानचित्र बनाने के निर्देश दिए गए हैं। महायोजना-2031 पर आई आपत्तियों के निस्तारण के बाद उसके संशोधित प्रारूप को तैयार किया गया था, जिसे 28 फरवरी को हुई जीडीए की बोर्ड बैठक में स्वीकृति दे दी गई। जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि महायोजना के प्रारूप को जल्द ही शासकीय समिति के पास भेजा जाएगा। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद यह लागू हो जाएगी।
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प्राधिकरण से मिली जानकारी के मुताबिक 6.5 लाख रुपये में ईडब्ल्यूएस एवं करीब नौ लाख रुपये में एलआइजी आवास उपलब्ध कराया जाएगा। दोनों ही वर्गों के आवासों की संख्या करीब पांच-पांच सौ हो सकती है। ईडब्ल्यूएस आवास का कारपेट एरिया करीब 325 वर्ग फीट व एलआइजी आवास का कारपेट एरिया 450 वर्ग फीट होगा। इसे मिवान तकनीक से बनाया जाएगा। इसमें भूतल के साथ चार और तल होंगे। ईडब्ल्यूएस का कुल निर्मित क्षेत्रफल 450 वर्ग फीट तथा एलआइजी का कुल निर्मित क्षेत्रफल करीब 625 वर्ग फीट होगा। इसमें बरामदा एवं बालकनी भी शामिल होती है।
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175 एकड़ में प्रस्तावित है खोराबार टाउनशिप
जीडीए की ओर से खोराबार क्षेत्र में 175 एकड़ में आवासीय एवं मेडिसिटी परियोजना प्रस्तावित है। पहले होली में ही इसके शिलान्यास की तैयारी थी लेकिन किन्हीं वजहों से यह टल गई। अब वासंतिक नवरात्र में मुख्यमंत्री के हाथों इसकी आधारशिला रखने की योजना है। निर्माण कार्य शुरू होने के साथ ही आवासों आदि के पंजीकरण की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी।
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महायोजना 2031: शासकीय समिति को प्रारुप भेजने की तैयारी तेज
गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) बोर्ड से महायोजना-2031 के संशोधित प्रारूप को स्वीकृति मिलने के बाद इसे शासकीय समिति को भेजने की कवायद तेज हो गई है। कार्यवृत्ति लगभग तैयार हो चुकी है और महायोजना तैयार करने वाले कंसलटेंट को संशोधित मानचित्र बनाने के निर्देश दिए गए हैं। महायोजना-2031 पर आई आपत्तियों के निस्तारण के बाद उसके संशोधित प्रारूप को तैयार किया गया था, जिसे 28 फरवरी को हुई जीडीए की बोर्ड बैठक में स्वीकृति दे दी गई। जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि महायोजना के प्रारूप को जल्द ही शासकीय समिति के पास भेजा जाएगा। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद यह लागू हो जाएगी।