फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   GDA gave possession of 150 acres of land to Forest Department in order of government instructions After NGT order

रामगढ़ताल परियोजना क्षेत्र: जीडीए ने 150 एकड़ जमीन पर वन विभाग को दिया कब्जा, जानिए क्या है पूरा मामला

Fri, 28 May 2021 01:45 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 28 May 2021 01:45 PM IST
सार

एनजीटी के आदेश के बाद शासन के निर्देश के क्रम में प्राधिकरण ने की कार्रवाई। कोर्ट में मामला पूरी तरह सुलझने तक जीडीए के पास ही रहेगा जमीन का मालिकाना हक। मेसर्स जालान कांप्लेक्स प्रा.लि. को 100 और भव्या कालोनाइजर्स को आवंटित है 50 एकड़ जमीन।
 

विज्ञापन
GDA gave possession of 150 acres of land to Forest Department in order of government instructions After NGT order
गोरखपुर विकास प्राधिकरण - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के 29 अप्रैल 2019 आदेश के बाद पिछले महीने शासन की तरफ से जारी एक निर्देश के क्रम में गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने रामगढ़ताल स्थित 150 एकड़ कीमती जमीन पर वन विभाग को कब्जा दे दिया है। हालांकि इस जमीन पर स्वामित्व प्राधिकरण का ही रहेगा। वन विभाग सिर्फ इसकी देखरेख करेगा। कोर्ट में मामला पूरी तरह सुलझने तक जमीन पर किसी भी तरह का निर्माण नहीं कराया जा सकेगा।
विज्ञापन

 
वहीं जमीन के आवंटी मेसर्स जालान कांप्लेक्स प्राइवेट लिमिटेड एवं भव्या कालोनाइजर्स ने इसे मनमाना फैसला बताया है। उनका कहना है हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी शुरू से प्राधिकरण और शासन इस मामले में मनमानी कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब उन्हें अभी तक स्वामित्व मिला ही नहीं तो जीडीए उनसे भला क्या स्वामित्व लेगा। दोनों फर्म का कहना है कि उनका मामला अभी न्यायालय में चल रहा है और उन्हें न्यायालय पर पूरा विश्वास है।
विज्ञापन


बता दें कि 150 एकड़ कीमती जमीन को लेकर विवाद डेढ़ दशक से अधिक समय से चल रहा है। एक साल पहले डीएम सर्किल रेट से जमीन की जो कीमत आंकी गई थी वह करीब 600 करोड़ थी। इसमें से 100 एकड़ जमीन जालान कांप्लेक्स प्राइवेट लिमिटेड के ओम प्रकाश जालान जबकि 50 एकड़ जमीन भव्या कालोनाइजर्स के नाम आवंटित हुई थी। अब भी कोर्ट में मामला चल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

लोकेशन की वजह से कीमती है जमीन

इसी बीच प्रमुख सचिव आवास की ओर से छह अप्रैल 2021 को एक आदेश जारी किया गया। जिसमें कहा गया है कि रामगढ़ताल के पास स्थित 150 एकड़ जमीन की प्रकृति को सुरक्षित रखने के लिए वन भूमि, वेटलैंड एवं वाटर रिजर्व के रूप में अनुरक्षण करने को इसे वन विभाग को दिया जाएगा लेकिन जमीन का स्वामित्व हस्तांतरित नहीं किया जाएगा। इस पर कोई निर्माण नहीं किया जा सकेगा। न्यायालयों में याचिकाओं के लंबित रहने तक इस जमीन का स्वामित्व जीडीए के पास होगा।

इसी क्रम में 25 अप्रैल को प्रभागीय वन अधिकारी अविनाश कुमार सिंह, जीडीए सचिव राम सिंह गौतम, जीडीए के मुख्य अभियंता पीपी सिंह, अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, अवर अभियंता, मानचित्रक मुदीत वर्मा, सर्वेयर ओम प्रकाश तिवारी एवं गोरखपुर वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मौजूदगी में कब्जा देने की प्रक्रिया पूर्ण की गई।

इस जमीन के पूरब में शहीद अशफाक उल्ला खॉ प्राणी उद्यान, पश्चिम में वन विभाग की भूमि, उत्तर में वन विभाग की भूमि और दक्षिण में 45 मीटर चौड़ा देवरिया बाईपास है। प्राधिकरण ने डेढ़ दशक से भी पहले इस जमीन में मेसर्स भव्या कालोनाइजर्स को 50 एकड़ और मेसर्स जालान कांप्लेक्स प्राइवेट लिमिटेड को 100 एकड़ जमीन आवंटित की थी। आरोप है कि इन जमीनों को आवंटित करते समय नियमों की खूब अनदेखी की गई। जिसकी जांच भी चल रही है।

सीमांकन में जीडीए को मिली छह एकड़ जमीन

रामगढ़ताल परियोजना क्षेत्र स्थित 150 एकड़ जमीन पर वन विभाग को कब्जा देने के लिए कराए जा रहे सीमांकन के दौरान जीडीए को मौके पर करीब छह एकड़ अतिरिक्त जमीन मिली है। जीडीए इसे सुरक्षित करने में जुट गया है। इस जमीन पर प्राधिकरण आवासीय या व्यावसायिक योजना लांच कर अच्छी आय प्राप्त कर सकता है।  

जीडीए सचिव राम सिंह गौतम ने बताया कि एनजीटी के आदेश और शासन के निर्देश के क्रम में 150 एकड़ जमीन पर वन विभाग को कब्जा दे दिया गया है। हालांकि इस जमीन पर स्वामित्व जीडीए का ही रहेगा। वन विभाग जमीन की देखरेख करेगा। वहां किसी भी तरह का पक्का निर्माण नहीं कराया जा सकेगा। सीमांकन के दौरान करीब छह एकड़ जमीन अतिरिक्त मिली है। जीडीए उसे सुरक्षित करा रहा है। वन विभाग को सिर्फ 150 एकड़ जमीन पर ही कब्जा दिया गया है।

प्रभागीय वनाधिकारी गोरखपुर अविनाश कुमार ने बताया कि जीडीए से रामगढ़ताल परियोजना क्षेत्र स्थित 150 एकड़ जमीन विभाग को सुरक्षा एवं रख-रखाव के लिए मिल गई है। जमीन पर मालिकाना हक जीडीए का ही है।

प्रबंध निदेशक जालान कान कास्ट ओम प्रकाश जलान ने बताया कि जीडीए व एनजीटी ने जमीन से संबधित जो नई आपत्तियां लगाई हैं वह मामला सुप्रीमकोर्ट में विचाराधीन है। इस मामले में हाईकोर्ट ने हमारे पक्ष में आदेश दिया था। जमीन खरीदी गई थी। जमीन देनी न पड़े इस वजह से अड़ंगे लगाए जा रहे हैं। सुप्रीमकोर्ट का जो भी आदेश होगा उसे माना जाएगा।  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed