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इसी साल बढ़ जाएगा जीडीए का दायरा, 319 गांव शामिल होंगे
Fri, 04 Sep 2020 09:59 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 04 Sep 2020 09:59 AM IST
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गोरखपुर विकास प्राधिकरण
- फोटो : अमर उजाला
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गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) बोर्ड की गुरुवार को पहली बार हुई ऑनलाइन बैठक में सीमा विस्तार का मुद्दा छाया रहा। कोई तकनीकी पेंच नहीं फंसा तो दिसंबर 2020 तक प्राधिकरण की सीमा का विस्तार हो जाएगा। प्राधिकरण की तरफ से 319 गांवों को जीडीए में शामिल करने का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। इसके अलावा तीन नगर पंचायतें पिपराइच, पीपीगंज और मुंडेरा बाजार भी जीडीए सीमा में शामिल होंगी।
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बैठक में तय हुआ कि सीमा विस्तार को जल्द मंजूरी देने के लिए प्राधिकरण की तरफ से शासन में प्रभावी तरीके से पैरवी की जाए, ताकि जनगणना का काम शुरू होने के पहले ही यह पूरा कर लिया जाए। प्राधिकरण सूत्रों के मुताबिक, जीडीए की सीमा विस्तार को लेकर शासन का रुख भी सकारात्मक है। प्रस्ताव को जल्द ही कैबिनेट की बैठक में रखने की तैयारी भी शासन स्तर पर शुरू हो गई है।
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जनगणना कार्य के स्थगित होने से मिला सीमा विस्तार का मौका
दरअसल, जनगणना 2021 का काम स्थगित हो जाने के कारण प्राधिकरण को सीमा विस्तार का मौका मिल गया है। जनगणना शुरू हो, इसके पहले दिसंबर 2020 तक सीमा विस्तार कर लेने की मंशा से शासन को करीब दो महीने पहले ही प्रस्ताव भेजा जा चुका है। बोर्ड बैठक के दौरान इस मुद्दे पर हुए मंथन में यह नतीजा निकला कि जनगणना का काम शुरू हो जाने से यह काम लटक जाएगा, ऐसे में पैरवी कर शासन से जल्द मंजूरी ले ली जाए।
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पत्रकारपुरम और ओटीएस ने संभाली आय
जीडीए की ओर से सीमा विस्तार के लिए जो प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, उसके अनुसार जिले की तीन नगर पंचायतों पिपराइच, पीपीगंज एवं मुंडेरा बाजार के क्षेत्र जीडीए में शामिल हो जाएंगे। इसके अलावा शहर से सटे ब्लॉकों के कुल 319 गांव तक जीडीए का दायरा हो जाएगा। शासन की ओर से नोटिफिकेशन जारी होते ही ये क्षेत्र प्राधिकरण के दायरे में आ जाएंगे।
बोर्ड बैठक के दौरान प्राधिकरण की संपत्तियों के निस्तारण और आय पर भी चर्चा हुई। प्राधिकरण अपनी आय से संतुष्ट है। सचिव राम सिंह गौतम ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस साल प्राधिकरण की आय ज्यादा है। इसमें सबसे बड़ा योगदान हाल ही आवंटित किए गए पत्रकारपुरम के फ्लैट और ओटीएस का है। कमाई का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अगस्त महीने में ही जीडीए को 51 करोड़ रुपये की आय हुई, जबकि खर्च 40 करोड़ हुए। यानी 10 करोड़ की बचत हुई।
बैठक में आए ज्यादातर अनुपालन के मामले
करीब डेढ़ घंटे तक चली ऑनलाइन बोर्ड बैठक में ज्यादातर मामले अनुपालन से जुड़े रखे गए थे, जिनपर पिछली बोर्ड बैठक में ही निर्णय हो चुके थे। गोरखनाथ पुल से मंदिर तक की सड़क 30 मीटर की जगह 24 मीटर करने के मामले में भी अनुपालन आख्या रखी गई।
बोर्ड बैठक के दौरान प्राधिकरण की संपत्तियों के निस्तारण और आय पर भी चर्चा हुई। प्राधिकरण अपनी आय से संतुष्ट है। सचिव राम सिंह गौतम ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस साल प्राधिकरण की आय ज्यादा है। इसमें सबसे बड़ा योगदान हाल ही आवंटित किए गए पत्रकारपुरम के फ्लैट और ओटीएस का है। कमाई का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अगस्त महीने में ही जीडीए को 51 करोड़ रुपये की आय हुई, जबकि खर्च 40 करोड़ हुए। यानी 10 करोड़ की बचत हुई।
बैठक में आए ज्यादातर अनुपालन के मामले
करीब डेढ़ घंटे तक चली ऑनलाइन बोर्ड बैठक में ज्यादातर मामले अनुपालन से जुड़े रखे गए थे, जिनपर पिछली बोर्ड बैठक में ही निर्णय हो चुके थे। गोरखनाथ पुल से मंदिर तक की सड़क 30 मीटर की जगह 24 मीटर करने के मामले में भी अनुपालन आख्या रखी गई।