रोशन होगा मुक्ताकाशी मंच, 350 करोड़ के बजट को मिली हरी झंडी
- रोशन होगा मुक्ताकाशी मंच, अब जीडीए करेगा देखभाल, संस्कृति विभाग से एमओयू जल्द
- मल्टीलेवल पार्किंग की जमीन जीडीए के नाम करने के लिए निगम को भेजा जाएगा प्रस्ताव
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गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) बोर्ड की बैठक में प्राधिकरण के वित्तीय वर्ष 2020-21 का 350 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई। इसी तरह अब रामगढ़ताल परियोजना क्षेत्र में एक दशक से अधिक समय से बनकर तैयार मुक्ताकाशी मंच के अब रोशन होने की भी राह खुल गई है। जीडीए इसका संचालन करने के साथ ही देखभाल भी करेगा। तय हुआ कि जल्द ही संस्कृत विभाग और जीडीए के बीच एमओयू की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए।
इसी तरह जलकल परिसर में निर्माणाधीन मल्टीलेवल पार्किंग की पूरी जमीन जीडीए के नाम करने की कार्रवाई शुरू करने का निर्णय किया गया। तय हुआ कि इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर नगर निगम को भेज दिया जाए।
दरअसल पहले 382 गाड़ियों की क्षमता वाली मल्टीलेवल पार्किंग बननी थी मगर बाद में तय हुआ कि पार्किंग की देखरेख के लिए वहां दुकानें खोली जाएं। प्राधिकरण की नियमावली के मुताबिक 25 फीसदी एरिया का व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके मुताबिक फिर से ले-आउट तैयार किया गया। मगर इन दुकानों को बनाने के लिए 49 करोड़ रुपये की जरूरत पड़ेगी।
तय हुआ कि जीडीए इन दुकानों को बेचकर अपना खर्च निकाल लेगा मगर इसके लिए जमीन पर स्वामित्व प्राधिकरण का ही होना चाहिए। इस दौरान बुद्ध विहार पार्ट सी की 1.02 एकड़ व्यावसायिक भूमि को एक साथ बेचने पर भी सहमति बन गई।
खोराबार में 220 केवीए का सर्विस स्टेशन बनेगा
बैठक के दौरान कमिश्नर ने नियोजन विभाग को निर्देश दिया कि महायोजना 2031 तय समय पर पूरी कर ली जाए। बैठक में डीएम के विजयेंद्र पांडियन, जीडीए उपाध्यक्ष अनुज सिंह, सचिव राम सिंह गौतम, मुख्य अभियंता संजय सिंह समेत कई अभियंता शामिल रहें।
खोराबार में 220 केवीए के सर्विस स्टेशन के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई। साथ ही रामगढ़ताल थाने के लिए जमीन देने पर भी निर्णय लिया गया।
प्राइवेट कंपनियां करेंगी पार्क की देखरेख
जीडीए के पंत पार्क, अंबेडकर पार्क, बिस्मिल पार्क समेत सभी पार्कों की देखरेख अब प्राइवेट कंपनियां करेंगी। बैठक में तय हुआ पार्क में विज्ञापन से प्राइवेट कंपनियों को जो आय होगी उससे वे पार्क की देखरेख करेंगी।
लंबित मानचित्र का जल्द होगा निस्तारण
कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने लंबित मानचित्रों का जल्द निस्तारण करने का निर्देश दिया। उपाध्यक्ष और सचिव खुद इसकी रोजाना मानीटरिंग करें। बैठक के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास, लेकव्यू, पत्रकारपुरम योजनाओं की भी प्रगति पूछी और समय पर पूरा करने का निर्देश दिया।