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UP News: होली से पहले महायोजना को मिल सकती है जीडीए बोर्ड की मंजूरी, कुछ अहम बदलाव के आसार
Wed, 15 Feb 2023 03:05 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 15 Feb 2023 03:05 PM IST
सार
जीडीए बोर्ड से स्वीकृति मिलने के बाद महायोजना के प्रारूप को शासकीय समिति को भेजा जाएगा। समिति की मंजूरी के बाद आवास विभाग की तरफ से महायोजना लागू कर दी जाएगी। इसमें करीब दो महीने का समय और लग सकता है।
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गोरखपुर विकास प्राधिकरण
- फोटो : Social Media
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विस्तार
होली के पहले गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की नई महायोजना के प्रारूप को जीडीए बोर्ड की मंजूरी मिल जाने की उम्मीद है। इसे लेकर तैयारियां चल रही हैं। आपत्तियों के निस्तारण के बाद प्राधिकरण, इसी महीने के अंतिम सप्ताह में बोर्ड बैठक आयोजित करने की तैयारी में जुटा है। इसे लेकर सहमति बन गई है।
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जीडीए बोर्ड से स्वीकृति मिलने के बाद महायोजना के प्रारूप को शासकीय समिति को भेजा जाएगा। समिति की मंजूरी के बाद आवास विभाग की तरफ से महायोजना लागू कर दी जाएगी। इसमें करीब दो महीने का समय और लग सकता है। पिछले एक साल से महायोजना लागू करने की तैयारी चल रही है। प्रारूप तैयार करने के बाद पिछले साल 2022 के अंतिम में जीडीए ने आपत्तियां मांगी थी। 12 हजार से अधिक लोगों ने आपत्तियां दर्ज कराईं।
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एक महीने से अधिक समय तक सुनवाई हुई और उसके बाद निस्तारण की प्रक्रिया शुरू हुई जो अब पूरी हो चुकी है। संशोधित प्रारूप तैयार कर लिया गया है, जिसमें वन क्षेत्र के आसपास नो कंस्ट्रक्शन जोन का दायरा घटाने के साथ ही तीन दशक से अधिक समय से चल रहा विनियमितिकरण का मामला भी सुलझाने का दावा किया जा रहा है।
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महायोजना के प्रारूप में कुछ गांवों की पूरी जमीन ही खुला क्षेत्र एवं खेल मैदान दर्ज कर दी गई थी। इसमें भी संशोधन होने की संभावना है। तारामंडल क्षेत्र समेत कई प्रमुख मार्ग से सटे भूखंडों की प्रकृति आवासीय के साथ व्यावसायिक भी कर दी गई हैं। जीडीए अधिकारियों का कहना है कि संशोधित प्रारूप में जनता के हितों का पूरा ख्याल रखा गया है।
जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि महायोजना 2031 के प्रारूप पर मिली आपत्तियों का निस्तारण किया जा चुका है। संशोधित प्रारूप को बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा। जल्द ही बैठक का आयोजन किया जाएगा।