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गोरखपुर: 17 सौ एकड़ जमीन का मामला सुलझाने में फिर जुटा जीडीए, जानिए क्या है पूरा मामला
Fri, 02 Jul 2021 12:21 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 02 Jul 2021 12:21 PM IST
सार
विनियमितीकरण की जमीन होने की वजह से प्राधिकरण नहीं स्वीकृत करता है मानचित्र। समस्या का हल निकालने के लिए महायोजना-2031 में शामिल किया जाएगा प्रस्ताव।
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गोरखपुर विकास प्राधिकरण
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने शहर की विनियमितीकरण की 1700 एकड़ जमीन का मामला सुलझाने का एक बार फिर प्रयास शुरू किया है। शासन में कई बार प्रस्ताव भेजे जाने के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकलने पर प्राधिकरण ने अब इसका प्रस्ताव महायोजना 2031 में शामिल करने का निर्णय लिया है।
प्राधिकरण के लिए विनियमितीकरण की यह जमीन करीब दो दशक से समस्या बनी हुई है। प्राधिकरण यहां मानचित्र पास नहीं करता है, मगर तमाम लोगों ने यहां निर्माण करवा लिया है। मानचित्र पास नही होने की वजह से ये निर्माण अवैध की श्रेणी में हैं। इससे लोग तो डरे ही रहते हैं, जीडीए को भी बहुत नुकसान होता है।
महायोजना 2031 को तैयार करने का काम पिछले साल से ही चल रहा है। इसका पहला प्रजेंटेशन 15 जुलाई तक होगा। विनियमितीकरण के दायरे में रखे गए भूखंडों का कोई भू-उपयोग भी नहीं निर्धारित है। ऐसे में नई महायोजना में पहले भू-उपयोग निर्धारित करने का काम किया जाएगा।
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जीडीए उपाध्यक्ष आशीष कुमार ने बताया कि जीडीए की नई महायोजना 2031 को तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है। कोरोना संक्रमण की वजह से काम कुछ प्रभावित रहा। इस बार प्रयास है कि विनियमितीकरण की समस्या का हल निकाल लिया जाए। इसके लिए महायोजना में प्रस्ताव शामिल किया जाएगा। इसका पहला प्रजेंटेशन दो सप्ताह में होने की उम्मीद है।
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प्राधिकरण के लिए विनियमितीकरण की यह जमीन करीब दो दशक से समस्या बनी हुई है। प्राधिकरण यहां मानचित्र पास नहीं करता है, मगर तमाम लोगों ने यहां निर्माण करवा लिया है। मानचित्र पास नही होने की वजह से ये निर्माण अवैध की श्रेणी में हैं। इससे लोग तो डरे ही रहते हैं, जीडीए को भी बहुत नुकसान होता है।
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महायोजना 2031 को तैयार करने का काम पिछले साल से ही चल रहा है। इसका पहला प्रजेंटेशन 15 जुलाई तक होगा। विनियमितीकरण के दायरे में रखे गए भूखंडों का कोई भू-उपयोग भी नहीं निर्धारित है। ऐसे में नई महायोजना में पहले भू-उपयोग निर्धारित करने का काम किया जाएगा।
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जीडीए उपाध्यक्ष आशीष कुमार ने बताया कि जीडीए की नई महायोजना 2031 को तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है। कोरोना संक्रमण की वजह से काम कुछ प्रभावित रहा। इस बार प्रयास है कि विनियमितीकरण की समस्या का हल निकाल लिया जाए। इसके लिए महायोजना में प्रस्ताव शामिल किया जाएगा। इसका पहला प्रजेंटेशन दो सप्ताह में होने की उम्मीद है।