गोरखपुर: स्टेशन पर कूड़ा बीनने वालों ने किया था सामूहिक दुष्कर्म, पुलिस ने किया खुलासा
सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी गोरखपुर रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए थे। पुलिस व जीआरपी की टीमों ने सीसीटीवी फुटेज से ही आरोपियों की पहचान की और चौथे दिन घटना का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों को पकड़े जाने का डर नहीं था। इस वजह से कूड़ा बीनने का काम करते रहे।
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रेलवे स्टेशन पर सामूहिक दुष्कर्म के मामले में रविवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी रेलवे स्टेशन के आसपास ही कूड़ा बीनने का काम करते हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि महिला अपने दोस्त के साथ आउटर सिग्नल के पास बैठी थी। दोस्त को पीटकर भगा दिया गया, फिर सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया। युवती के दोस्त की भूमिका की भी जांच की जा रही है। दोस्त पुलिस की हिरासत में है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान देवरिया जिले के सलेमपुर थाना क्षेत्र के भटवा धर्मपुर निवासी राजा उर्फ इम्तियाज मुहम्मद अंसारी, गोरखपुर के शाहपुर के कृष्णा नगर चौराहा निवासी संतोष चौहान और बिहार के बेगूसराय निवासी अंकित पासवान के रूप में हुई है। सभी आरोपियों की उम्र 19 से 22 वर्ष के बीच है।
एसपी जीआरपी अवधेश सिंह व एसपी क्राइम इंदु प्रभा सिंह ने पुलिस लाइंस में प्रेस कांफ्रेंस कर पकड़े गए बदमाशों के बारे में जानकारी दी। एसपी जीआरपी ने बताया कि सात सितंबर की शाम युवती अपने एक दोस्त के साथ नौका विहार घूमने गई थी। वहां से लौटने के बाद दोनों रात में प्लेटफार्म नंबर एक के आउटर पर बैठकर बात कर रहे थे। इसी दौरान आए तीन युवकों ने दोस्त की पिटाई कर दी और युवती को तीन सौ मीटर आगे झाड़ी में ले जाकर दुष्कर्म किया।
बाद में पीड़िता खुद जीआरपी थाने पहुंची और घटना की जानकारी दी थी। एसपी ने बताया कि पीड़िता के बयान के आधार पर जीआरपी ने सामूहिक दुष्कर्म की धारा में केस दर्ज कर लिया था। जीआरपी की पांच और जिला पुलिस की अलग-अलग टीमें जांच में लगी थीं। रविवार को जीआरपी और एसओजी की संयुक्त टीमों को सूचना मिली कि आरोपी प्लेटफार्म नंबर 9 के पश्चिमी तिकोनिया पार्क के पास जुटे हैं। सब भागने की फिराक में हैं।
लिहाजा, टीम ने मौके पर पहुंचकर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एसपी ने बताया कि गिरफ्तारी करने वाली टीम को दस हजार रुपये का इनाम दिया गया है। मामले की कोर्ट में प्रभावी पैरवी की जाएगी। आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने का प्रयास होगा।
एक दुकान पर काम करता है दोस्त
पूरे प्रकरण में युवती के दोस्त की भूमिका सवालों के घेरे में हैं। जिस दोस्त के पास पीड़िता का मोबाइल फोन भी था, उसने समय रहते पुलिस को सूचना दी होती तो शायद यह घटना नहीं होती। इसके अलावा घटना होने के बाद भी दोस्त ने पुलिस का सहयोग नहीं किया। जांच में पता चला कि दोस्त रेलवे स्टेशन के एक दुकान पर ही काम करता है। पीड़िता के स्टेशन पर रहने के दौरान दोनों में गहरी दोस्ती हो गई थी। घटना वाले पूरे दिन भी दोनों के साथ होने की पुष्टि हुई है।
पीड़िता ने की आरोपियों की पहचान, अब कोर्ट में होगा बयान
पकड़े जाने के बाद आरोपियों की पहचान कराई गई। एसपी जीआरपी ने बताया कि पीड़िता ने आरोपियों की शिनाख्त कर ली। अब जल्द ही कोर्ट में पीड़िता का बयान कराया जाएगा। उधर, पीड़िता अब पूरी तरह से सामान्य हो चुकी है। उसका बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।
पति से हुआ तलाक
महराजगंज की रहने वाली महिला की शादी नेपाल में हुई थी। तलाक के बाद वह मायके में ही रहती थी। इसी बीच पिता से विवाद हो गया और वह गोरखपुर आ गई। यहां गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर रहने लगी। गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर रहने के दौरान ही घटना हो गई। महिला के पिता ने पुलिस को बताया कि बेटी का उसके पति से तलाक हो चुका है।
ऐसे खुला पूरा मामला
पुलिस को पीड़िता ने अपना मोबाइल फोन नंबर दिया था। पुलिस ने उस नंबर को ट्रेस किया तो पता चला कि फोन उसके दोस्त के बाद पास है। इसके बाद पुलिस ने स्टेशन पर रहने वाले दोस्त को पकड़ा और पूछताछ की। इससे एक-एक कड़ी खुलती चली गई।
सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए थे आरोपी
सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी गोरखपुर रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए थे। पुलिस व जीआरपी की टीमों ने सीसीटीवी फुटेज से ही आरोपियों की पहचान की और चौथे दिन घटना का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों को पकड़े जाने का डर नहीं था। इस वजह से कूड़ा बीनने का काम करते रहे।