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गंगोत्री हत्याकांड : दूसरे आरोपी दीपक की भी भूमिका संदिग्ध, तलाश में जुटी पुलिस
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गोरखपुर। कैंट क्षेत्र के जिला पंचायत रोड स्थित प्रिंटिंग प्रेस की संचालिका गंगोत्री यादव (25) की हत्या के मामले में नामजद दूसरे आरोपी दीपक की भूमिका भी संदिग्ध मिली है। पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही है। पुलिस मामले में हर पहलू को जोड़कर साक्ष्य संकलन कर रही है ताकि घटना की पूरी कड़ियां स्पष्ट हो सकें।
कैंट थाना प्रभारी संजय सिंह के अनुसार, मामले में पहले से नामजद मुख्य आरोपी अनिल गुप्ता जेल जा चुका है। अब जांच का फोकस दूसरे आरोपी दीपक पर केंद्रित हो गया है। उसकी भूमिका को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस टीम लगातार उसकी तलाश में दबिश दे रही है, हालांकि अभी तक उसके बारे में कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगे हैं।
जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने दीपक के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगालनी शुरू कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि कॉल डिटेल और लोकेशन डेटा से यह स्पष्ट हो सकता है कि घटना के समय दीपक की गतिविधियां क्या थीं और वह किन लोगों के संपर्क में था।
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उधर, गंगोत्री यादव के मोबाइल फोन को भी फॉरेंसिक जांच के लिए लैब भेज दिया गया है। पुलिस को उम्मीद है कि मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड, चैट्स और अन्य डिजिटल साक्ष्य मामले की जांच में अहम भूमिका निभाएंगे।
पुलिस का कहना है कि हर छोटे-बड़े साक्ष्य को वैज्ञानिक तरीके से जांचा जा रहा है। फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना है, जिससे पूरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझ सकती है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही नामजद दूसरे आरोपी दीपक को गिरफ्तार कर मामले में और पर्दाफाश किए जाएंगे।
धक्का देने से गंगोत्री के सिर में लगी थी चोट
हत्याकांड के मामले में जेल भेजे गए अनिल ने पूछताछ में बताया था कि दोनों में आपसी नजदीकियों और रुपये को लेकर विवाद हो गया और फिर गंगोत्री ने गुस्से में आकर अनिल को थप्पड़ मार दिया था। इससे नाराज अनिल ने गंगोत्री को धक्का दे दिया और गिरने पर गला दबाकर मौत के घाट उतार दिया। मेज पर गिरते वक्त गंगोत्री के सिर में चोटें आई थीं। हत्या करने के बाद आरोपी शटर बंद कर मौके से भाग गया था। हालांकि पुलिस ने बृहस्पतिवार को उसे बस्ती जिले के हरैया टोल प्लाजा के पास से गिरफ्तार कर लिया था।
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कैंट थाना प्रभारी संजय सिंह के अनुसार, मामले में पहले से नामजद मुख्य आरोपी अनिल गुप्ता जेल जा चुका है। अब जांच का फोकस दूसरे आरोपी दीपक पर केंद्रित हो गया है। उसकी भूमिका को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस टीम लगातार उसकी तलाश में दबिश दे रही है, हालांकि अभी तक उसके बारे में कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगे हैं।
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जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने दीपक के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगालनी शुरू कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि कॉल डिटेल और लोकेशन डेटा से यह स्पष्ट हो सकता है कि घटना के समय दीपक की गतिविधियां क्या थीं और वह किन लोगों के संपर्क में था।
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उधर, गंगोत्री यादव के मोबाइल फोन को भी फॉरेंसिक जांच के लिए लैब भेज दिया गया है। पुलिस को उम्मीद है कि मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड, चैट्स और अन्य डिजिटल साक्ष्य मामले की जांच में अहम भूमिका निभाएंगे।
पुलिस का कहना है कि हर छोटे-बड़े साक्ष्य को वैज्ञानिक तरीके से जांचा जा रहा है। फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना है, जिससे पूरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझ सकती है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही नामजद दूसरे आरोपी दीपक को गिरफ्तार कर मामले में और पर्दाफाश किए जाएंगे।
धक्का देने से गंगोत्री के सिर में लगी थी चोट
हत्याकांड के मामले में जेल भेजे गए अनिल ने पूछताछ में बताया था कि दोनों में आपसी नजदीकियों और रुपये को लेकर विवाद हो गया और फिर गंगोत्री ने गुस्से में आकर अनिल को थप्पड़ मार दिया था। इससे नाराज अनिल ने गंगोत्री को धक्का दे दिया और गिरने पर गला दबाकर मौत के घाट उतार दिया। मेज पर गिरते वक्त गंगोत्री के सिर में चोटें आई थीं। हत्या करने के बाद आरोपी शटर बंद कर मौके से भाग गया था। हालांकि पुलिस ने बृहस्पतिवार को उसे बस्ती जिले के हरैया टोल प्लाजा के पास से गिरफ्तार कर लिया था।