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Gorakhpur News: अक्षय तृतीया में गजकेशरी योग भी रहेगा
Mon, 29 Apr 2024 05:30 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Mon, 29 Apr 2024 05:30 AM IST
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ज्योतिर्विद ब्रजेश कुमार पांडेय।
10 मई को मनाया जाएगा पर्व, शुरू हो गई तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। प्रमुख मंदिरों, घरों के साथ बाजार में अक्षय तृतीया पर्व की तैयारी शुरू हो गई है। इस बार 10 मई को यह पर्व मनाया जाएगा। ग्रहों में उच्च चंद्रमा और गुरु के कारण गजकेशरी योग बन रहा है। ज्योतिर्विदों के अनुसार अक्षय तृतीया की तिथि में की गई आध्यात्मिक साधना, दान, पुण्य अक्षय होते हैं। शुभ मुहूर्त में नए सामान का क्रय शुभ होगा। अक्षय तृतीया मंगलकारी होगी।
अक्षय तृतीया लौकिक व पारलौकिक दोनों कार्यों में सिद्धि प्रदान करने वाली है। सूर्य मेष राशि में और चंद्रमा वृष राशि में रहेंगे, दोनों अपने उच्च राशि में रहेंगे। इस दिन उपासना व अच्छे कार्याें का पुण्य क्षय नहीं होता है।
ज्योतिर्विद नरेंद्र कुमार उपाध्याय ने बताया कि अक्षय तृतीया अत्यंत शुभकारी है। सूर्य के उच्च राशि में होने के कारण सरकारी तंत्र, शासन सत्ता व राजनीति में शुभ फल प्राप्त होगा। काल पुरुष के प्रथम राशि में शुक्र भौतिक सुख संपदा से समृद्ध बनाएंगे, जबकि शनि का कुंभ राशि में होना भी शुभ है। अक्षय तृतीया में भौतिक सुखों की अपेक्षा आध्यात्मिक उन्नति के लिए साधना करनी चाहिए। अक्षय तृतीया के दिन भगवान परशुराम का प्राकट्य उत्सव मनाया जाता है। लक्ष्मी, गणेश व कुबेर की पूजा से समृद्धि आती है।
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ज्योतिर्विद ब्रजेश कुमार पांडेय के अनुसार अक्षय तृतीया को पूजा, दान पुण्य करना चाहिए। इस बार 10 मई की सुबह 5:32 बजे अक्षय तृतीया लगेगी और इसका मान अगले दिन भोर में 4:37 बजे तक रहेगा। इसी दिन भगवान विष्णु के अवतार भगवान परशुराम का प्राकट्य उत्सव मनाया जाएगा। प्रमुख मंदिरों व घरों में भगवान परशुराम की पूजा की जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। प्रमुख मंदिरों, घरों के साथ बाजार में अक्षय तृतीया पर्व की तैयारी शुरू हो गई है। इस बार 10 मई को यह पर्व मनाया जाएगा। ग्रहों में उच्च चंद्रमा और गुरु के कारण गजकेशरी योग बन रहा है। ज्योतिर्विदों के अनुसार अक्षय तृतीया की तिथि में की गई आध्यात्मिक साधना, दान, पुण्य अक्षय होते हैं। शुभ मुहूर्त में नए सामान का क्रय शुभ होगा। अक्षय तृतीया मंगलकारी होगी।
अक्षय तृतीया लौकिक व पारलौकिक दोनों कार्यों में सिद्धि प्रदान करने वाली है। सूर्य मेष राशि में और चंद्रमा वृष राशि में रहेंगे, दोनों अपने उच्च राशि में रहेंगे। इस दिन उपासना व अच्छे कार्याें का पुण्य क्षय नहीं होता है।
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ज्योतिर्विद नरेंद्र कुमार उपाध्याय ने बताया कि अक्षय तृतीया अत्यंत शुभकारी है। सूर्य के उच्च राशि में होने के कारण सरकारी तंत्र, शासन सत्ता व राजनीति में शुभ फल प्राप्त होगा। काल पुरुष के प्रथम राशि में शुक्र भौतिक सुख संपदा से समृद्ध बनाएंगे, जबकि शनि का कुंभ राशि में होना भी शुभ है। अक्षय तृतीया में भौतिक सुखों की अपेक्षा आध्यात्मिक उन्नति के लिए साधना करनी चाहिए। अक्षय तृतीया के दिन भगवान परशुराम का प्राकट्य उत्सव मनाया जाता है। लक्ष्मी, गणेश व कुबेर की पूजा से समृद्धि आती है।
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ज्योतिर्विद ब्रजेश कुमार पांडेय के अनुसार अक्षय तृतीया को पूजा, दान पुण्य करना चाहिए। इस बार 10 मई की सुबह 5:32 बजे अक्षय तृतीया लगेगी और इसका मान अगले दिन भोर में 4:37 बजे तक रहेगा। इसी दिन भगवान विष्णु के अवतार भगवान परशुराम का प्राकट्य उत्सव मनाया जाएगा। प्रमुख मंदिरों व घरों में भगवान परशुराम की पूजा की जाएगी।