जालसाज दंपती: पहले पड़ोसियों को ठगा...फिर अफसर बता, धौंस जमा करने लगे बड़ी हेराफेरी
एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि जालसाजी करने वालों पर गैंगस्टर का केस दर्ज कर पुलिस ने जेल भिजवाया है। अब उनकी अवैध कमाई से अर्जित की गई संपत्तियों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। उसे भी गैंगस्टर एक्ट के तहत जब्त किया जाएगा।
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पुलिस जांच के मुताबिक एम्स में ठेका दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी के आरोप में पकड़ा गया देवरिया का राजीव तिवारी और उसकी पत्नी शिप्रा पुराने ठग हैं। दोनों ने पहले पड़ोसियों को जमीन दिलाने का झांसा देकर छोटी-मोटी रकम की ठगी से शुरुआत की। फिर ठगी की बड़ी घटनाओं को अंजाम देने लगे। इसमें कई बार फंसे भी, लेकिन कभी पैसे वापस कर तो कभी खुद को बड़ा अफसर बता धौंस जमा कर बचते रहे। अब दोनों पकड़े गए हैं तो पुलिस इनकी संपत्ति को जब्त करने की तैयारी में जुट गई है।
सबसे पहले इन्होंने पड़ोसियों को ही निशाने पर लिया, लेकिन मामला खुले न, इसलिए ठगी की रकम छोटी ही रखते थे। लेकिन लालच में दोनों अपना ही बनाया नियम भूल गए और एक शादी समारोह में खुद को अफसर बताकर बड़ी रकम चार लाख की ठगी कर ली। मामला सामने आ गया तो पहला केस चिलुआताल थाने में दर्ज किया गया। यहीं से यह दंपती पुलिस की नजर में आ गया।
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खबर है कि गोरखनाथ इलाके में किराए के मकान में रहने के दौरान पड़ोसी को जमीन दिलाने के नाम पर ठगी कर ली थी। बाद में पड़ोसी महिला को पता चला कि ऐसे ही कई लोगों से ठगी की है। इसी रकम में से 50 हजार रुपये उसने पड़ोसी महिला को लौटा दिया था, जिस वजह से उसने केस दर्ज नहीं कराया था।
चार लाख की जालसाजी करने के बाद दंपती के मन में फर्जी अफसर बनकर ठगी करने का आइडिया आ गया। इसके बाद फिर इन लोगों ने कैंट इलाके में महेंद्र नाम के युवक से एम्स में ठेका, पार्किंग दिलाने के नाम पर 34 लाख रुपये की जालसाजी कर दी, जिसके बाद पुलिस ने इनकी तलाश शुरू कर दी।
इसी बीच सितंबर 2023 में कैंट पुलिस के पास दंपती की शिकायत आई और फिर पुलिस ने गैंगस्टर का केस दर्ज करने के लिए रिपोर्ट तैयार की और डीएम की अनुमति के बाद केस दर्ज कर लिया गया। इसके बाद ही पुलिस ने इसकी सरगर्मी से तलाश तो शुरू की, लेकिन दंपती गोरखपुर छोड़कर फरार हो गया था। इसके बाद एसओजी ने देवरिया में उनके घर से गिरफ्तार कर लिया।
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देवरिया में बसने की थी तैयारी
दंपती को लंबे समय से पुलिस ने खोजा नहीं था, इस वजह से उन्होंने भी यह मान लिया था कि पुलिस अब उनके पीछे नहीं पड़ी है। तब उन्होंने देवरिया में बसने की तैयारी कर ली। मईल इलाके में अपने पैतृक गांव में आलीशान मकान बनवा रहे थे, लेकिन इधर उनके पीछे पुलिस वहां तक पहुंच गई और एसओजी टीम ने गृह प्रवेश से पहले ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया। दोनों जेल में भेजे जा चुके हैं। खबर है कि पुलिस के पास दो लोगों ने इनके जालसाजी की शिकायत भी की है, जिसकी जांच शुरू कर दी गई है।
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शहर में किराये के मकान में रहने वाला यह दंपती हर छह महीने में ठिकाना बदल देता था। पुलिस की पूछताछ में इस बात की पुष्टि हुई है। अब पुलिस जहां-जहां पर दंपती रहे हैं, वहां के लोगों से इनके बारे में जानकारी जुटा रही है। इनकी संपत्तियां कहां-कहां पर है, सब का ब्योरा जुटाया जा रहा है, ताकि उस पर कार्रवाई की जा सके।
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एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि जालसाजी करने वालों पर गैंगस्टर का केस दर्ज कर पुलिस ने जेल भिजवाया है। अब उनकी अवैध कमाई से अर्जित की गई संपत्तियों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। उसे भी गैंगस्टर एक्ट के तहत जब्त किया जाएगा।