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Gorakhpur News: एम्स में नौकरी के नाम पर जालसाजी, केस दर्ज- पहले भी दर्ज हो चुके हैं मामले
Wed, 30 Oct 2024 06:12 PM IST
रोहित सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: रोहित सिंह
Updated Wed, 30 Oct 2024 06:12 PM IST
सार
रंभा देवी ने पिपराइच पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया है कि धर्मेन्द्र गौतम, रविचंद्र, महेंद्र चौहान और कोमल शर्मा मिलकर जालससाजी करते हैं। लोगों को अपने जाल में फंसाकर जालसाजी का धंधा करते हैं। एम्स में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 1.45 लाख रुपये हड़प लिए।
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गोरखपुर एम्स
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गोरखपुर एम्स में संविदा पर नौकरी दिलाने के नाम पर पिपराइच निवासी कुंदन के साथ जालसाजों ने 1.45 लाख रुपये की जालसाजी कर दी। जंगल क्षत्रधारी लालगंज निवासी पीड़ित कुंदन की मां रंभा ने पिपराइच थाने में तहरीर दी। जिसके आधार पर शाहपुर थाना क्षेत्र के गीता वाटिका निवासी धर्मेन्द्र गौतम, रविचंद्र, महेंद्र चौहान तथा चौरी चौरा हरैया निवासी कोमल शर्मा के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है।
रंभा देवी ने पिपराइच पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया है कि धर्मेन्द्र गौतम, रविचंद्र, महेंद्र चौहान और कोमल शर्मा मिलकर जालससाजी करते हैं। लोगों को अपने जाल में फंसाकर जालसाजी का धंधा करते हैं। एम्स में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 1.45 लाख रुपये हड़प लिए। इसके बदले फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया।
एम्स के जिम्मेदार लोगों ने नियुक्ति पत्र को फर्जी बताया। कहा कि ऐसी कोई नियुक्ति नहीं की जा रही है। तब जालसाजी का पर्दाफाश हुआ। भाग दौड़ के बीच पता चला कि यह गिरोह 10 से भी अधिक लोगों को अपना शिकार बना चुका है। झंगहा थाने में भी इनके खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज है।
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रंभा देवी ने पिपराइच पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया है कि धर्मेन्द्र गौतम, रविचंद्र, महेंद्र चौहान और कोमल शर्मा मिलकर जालससाजी करते हैं। लोगों को अपने जाल में फंसाकर जालसाजी का धंधा करते हैं। एम्स में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 1.45 लाख रुपये हड़प लिए। इसके बदले फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया।
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एम्स के जिम्मेदार लोगों ने नियुक्ति पत्र को फर्जी बताया। कहा कि ऐसी कोई नियुक्ति नहीं की जा रही है। तब जालसाजी का पर्दाफाश हुआ। भाग दौड़ के बीच पता चला कि यह गिरोह 10 से भी अधिक लोगों को अपना शिकार बना चुका है। झंगहा थाने में भी इनके खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज है।
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