टेलीग्राम पर ठगी: दुबई से चल रहा जालसाजी का खेल, एक क्लिक में खाली कर देते हैं बैंक खाता
साइबर सेल से जुड़े लोगों का कहना है कि जनवरी माह के बाद से ठगी की नई प्रक्रिया सामने आई है। इस तरह की ठगी के हरेक महीने तीन से चार मामले सामने आ रहे हैं। ऑनलाइन साइट का हवाला देकर जालसाज निवेश का झांसा देते हुए ठगी कर रहे हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
टेलीग्राम एप के जरिए घर बैठे रुपये कमाने का झांसा देकर जालसाजी का खेल दुबई से चल रहा है। हाल के दिनों में सामने आई घटनाओं की छानबीन में पुलिस को यह जानकारी मिली है। यदि किसी से पैसा दोगुना करने के बहाने शातिरों ने ठगी कर ली तो जांच में देर होगी। ऐसे में सजग रहकर खुद से ही बचाव करें। साइबर सेल से जुड़े लोगों का कहना है कि हर महीने तीन से चार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं।
जालसाजी के नए नए तरीके सामने आ रहे हैं। लेकिन, कुछ महीनों से टेलीग्राम एप के जरिए जालसाजी हो रही है। इसका खेल सीधे टेलीग्राम से नहीं, बल्कि व्हाट्सएप या दूसरे सोशल मीडिया से शुरू हो रहा। शातिर किसी सुंदर लड़की की प्रोफाइल डीपी लगे हुए नंबर से घर बैठे रुपये का झांसा देकर बता रहे हैं कि यदि आप नौकरी पेशा हैं, तो पांच से 10 मिनट अलग से समय निकाल के आठ से 10 हजार रुपये कमा सकते हैं।
इस संदेश का जवाब देते ही पहला टास्क तीन यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करने का मिलता है। इसे पूरा करने पर सौ रुपये वर्चुअल वाॅलेट में जमा होने का संदेश मिलता है। उसे निकालने के लिए या अधिक पैसे कमाने के लिए एक टेलीग्राम से जुड़ने के लिए कहा जाता है। टेलीग्राम से जुड़ते ही उसमें कई लोगों का मैसेज दिखता है। कोई कहता है कि आज का मुझे एक लाख रुपये का फायदा हुआ है। कोई अन्य व्यक्ति दूसरी रकम का हवाला देता है।
हर किसी का मुनाफा देखकर लोग झांसे में आ जाते हैं। जानकारी करने पर बताया जाता है कि वर्चुअल वॉलेट में पैसे लगाने पर अच्छा खासा लाभ होगा। जैसे ही आप इस वर्चुअल वॉलेट में पैसे डालते हैं, उसके बाद रकम बढ़कर दिखाई देने लगी है। इससे महसूस होता है कि लगाया हुआ पैसा बढ़ रहा है। उसे जब निकालने का प्रयास करते हैं, तो वह पैसा लॉक हो जाता है। इस तरह से जालसाज ठगी कर लेते हैं।
इसे भी पढ़ें: कच्ची उम्र में इश्क का असर: आधी रात युवक के घर पहुंची 13 साल की किशोरी, बोली- तुझसे ही करूंगी शादी
हर महीने तीन से चार मामले
साइबर सेल से जुड़े लोगों का कहना है कि जनवरी माह के बाद से ठगी की नई प्रक्रिया सामने आई है। इस तरह की ठगी के हरेक महीने तीन से चार मामले सामने आ रहे हैं। ऑनलाइन साइट का हवाला देकर जालसाज निवेश का झांसा देते हुए ठगी कर रहे हैं। इनमें वजीरएक्स, कोइंग डेस्क, क्रॉसटावर क्यू कोइंग, जैसे नाम वाली ऑनलाइन साइटें हैं। इसलिए टेलीग्राम, व्हाट्सएप और सोशल मीडिया पर दिए जाने वाले किसी तरह के लाभ से बचने की जरूरत है।
टेलीग्राम पर जुड़कर गवाएं 1.33 लाख रुपये
केस एकः शाहपुर के असुरन में प्राइवेट बैंक के कर्मचारी को 17 अप्रैल को टेलीग्राम पर एक अनजान नंबर से मैसेज आया। लिखा था कि फर्स्ट क्राई एप पर फोटो लाइक करने पर रुपये कमाया जा सकता है। इस लालच में फंसकर उन्होंने काम शुरू किया तो उनको ज्यादा पैसे निवेश करने को कहा गया। टेलीग्राम से जुड़कर उन्होंने अपने यूपीआई खाते से पांच बार में 1.33 लाख रुपये भेज दिया। बाद में उनको ठगी की जानकारी हुई।
इसे भी पढ़ें: ये हैं गोरखपुर के छह यूपीएससी टॉपर, अपने दम पर बन गए IAS
घर बैठे पैसे कमाने में चले गए डेढ़ लाख
केस दोः सहजनवां क्षेत्र की एक युवती ने सोशल मीडिया पर घर बैठे रुपये कमाने का ऑफर देखा। इस चक्कर में पड़ कर उसने पूरी प्रक्रिया अपनाई। धीरे-धीरे उसने पैसे निवेश किए। बाद में मालूम हुआ कि उसे डेढ़ लाख रुपये की चपत लग गई है। उसने साइबर सेल में शिकायत की तो बताया कि जांच में देर होगी। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।
अलग-अलग जगहों पर खुले बैंक खाते, दुबई से संचालन
साइबर सेल की जांच में सामने आया है कि टेलीकॉम से ठगी का खेल दुबई से ऑपरेट किया जा रहा है। रुपये जमा कराने वाले बैंक खाते विभिन्न जगहों पर खुलवाए गए हैं। मुंबई, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान सहित अन्य जगहों से जुड़े लोग पैसे निकाल रहे हैं। इस वजह से इस गैंग की तलाश में काफी समय लग रहा है।
साइबर सेल के विशेषज्ञ शशि शंकर राय ने बताया कि टेलीग्राम के कुछ फीचर में प्रयोगकर्ता का नाम तो नजर आता है। लेकिन, अन्य जानकारी नहीं मिलती। इस वजह से जांच प्रभावित होती है। टेलीग्राम से ठगी करने वाले गैंग में 40 से 50 सदस्य होते हैं, जो लोगों को विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर निवेश में प्रेरित करने वाले वीडियो भेजते हैं। पैसे लगाने पर 20 से 30 प्रतिशत लाभ दिखाकर बाद में ग्रुप से ही गायब हो जाते हैं।
इसे भी पढ़ें: अब माफिया सुधीर सिंह व विनोद उपाध्याय पर घोषित होगा इनाम, कुर्क हो चुकी है संपत्ति
ऐसे करें बचाव
- अतिरिक्त लाभ कमाने के चक्कर में किसी वीडियो को देखकर उसके झांसे में न आएं।
- किसी भी अंजान लिंक पर क्लिक न करें। ग्रुप में आने वाले किसी भी विज्ञापन आंख मूंदकर भरोसा न करें।
- किसी सोशल साइट के अंजान ग्रुप से न जुड़े। यदि कोई ग्रुप पैसे लगाने पर अधिक लाभ दिखा रहा है तो उससे दूर रहें।
यहां दें सूचना
- साइबर हेल्प लाइन नंबर - 1930
- वेबसाइट www.cybercrime.gov.in
एसपी सिटी केके विश्नोई ने कहा कि जालसाज साइबर ठगी के नए-नए तरीके अपनाते हैं। ऐसे में सतर्कता बहुत जरूरी है। किसी भी लालच में पड़कर किसी भी बाहरी ग्रुप से न जुड़े। किसी तरह का निवेश न करें। जो मामले सामने आए हैं, उनकी जांच की जा रही है।
बैंक ऑफ बड़ौदा डीजीएम आशीष कुमार सिंह ने कहा कि बैंक की ओर से कभी भी खाता बंद होने, चालू करने या फिर किसी भी काम के लिए फोन नहीं किया जाता है। पत्राचार कर जानकारी ली या दी जाती है। इसके अलावा बैंक कभी भी आप से ओटीपी या व्यक्तिगत जानकारी नहीं मांगता है। अगर, कोई ऐसा फोन पर करें तो समझ ले कि जालसाजी की कोशिश कर रहा है। जालसाजी होने पर इसकी सूचना तत्काल संबंधित बैंक को देनी चाहिए।