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श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन पंडित बालक दास ने सुनाई प्रभु के वामन अवतार की कथा
Mon, 06 Jan 2020 10:14 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
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Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jan 2020 10:14 PM IST
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भागवत कथा सुनाते कथा व्यास पंडित बालक दास।
- फोटो : अमर उजाला
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मां भक्ति ज्ञान गंगा सेवा संस्थान की ओर से भव्या मैरेज हाउस, आजाद चौक में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन सोमवार को कथा व्यास पंडित बालक दास ने प्रभु के वामन अवतार की कथा सुनाई।
कथा के बीच श्रीकृष्ण जन्मोत्सव भी धूमधाम से मनाया गया। कहा कि एक दृश्य से हमारा पूरा आचरण बदल सकता है। इसलिए आंख और कान सभी पर नियंत्रण होना बेहद जरूरी है। नर्क से बचने का एकमात्र सरल तरीका है कि भागवत भजन। जो जीव भगवत भजन करेगा, जो भगवान के नाम में विश्वास रखता है वो आसानी से भव सागर से तर जाता है। भगवान पर जितना विश्वास करोगे उतना ही अच्छा है।
कथा के दौरान पंडित बालक दास ने कहा कि सदा अपने नेत्र, श्रवण और वाणी पर नियंत्रण रखना चाहिए। क्योंकि जैसा हम सुनते हैं, देखते हैं, ठीक वैसा ही आचरण करते हैं। ये आपके ऊपर निर्भर करता है कि आप क्या देख रहे हैं, क्या सुन रहे हैं। देखना और सुनना अगर सुधरा हुआ हो, अच्छा हो तो व्यक्ति कभी गलत रास्ते पर नहीं जाएगा। जो उचित हो हमेशा वहीं देखो और सुनो। भगवान के नाम का आश्रय लो, सत्संग करो, वहीं हमारे साथ जाएगा।
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कथा व्यास ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस पर भगवान कृष्ण की बाललीला, गोवर्धन पूजा, छप्पन भोग का वृतांत सुनाया जाएगा।
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कथा के बीच श्रीकृष्ण जन्मोत्सव भी धूमधाम से मनाया गया। कहा कि एक दृश्य से हमारा पूरा आचरण बदल सकता है। इसलिए आंख और कान सभी पर नियंत्रण होना बेहद जरूरी है। नर्क से बचने का एकमात्र सरल तरीका है कि भागवत भजन। जो जीव भगवत भजन करेगा, जो भगवान के नाम में विश्वास रखता है वो आसानी से भव सागर से तर जाता है। भगवान पर जितना विश्वास करोगे उतना ही अच्छा है।
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कथा के दौरान पंडित बालक दास ने कहा कि सदा अपने नेत्र, श्रवण और वाणी पर नियंत्रण रखना चाहिए। क्योंकि जैसा हम सुनते हैं, देखते हैं, ठीक वैसा ही आचरण करते हैं। ये आपके ऊपर निर्भर करता है कि आप क्या देख रहे हैं, क्या सुन रहे हैं। देखना और सुनना अगर सुधरा हुआ हो, अच्छा हो तो व्यक्ति कभी गलत रास्ते पर नहीं जाएगा। जो उचित हो हमेशा वहीं देखो और सुनो। भगवान के नाम का आश्रय लो, सत्संग करो, वहीं हमारे साथ जाएगा।
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कथा व्यास ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस पर भगवान कृष्ण की बाललीला, गोवर्धन पूजा, छप्पन भोग का वृतांत सुनाया जाएगा।