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घूस लेने वाले लेखपाल को चार साल कठोर कारावास

Wed, 29 Sep 2021 02:39 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 29 Sep 2021 02:39 AM IST
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Four years rigorous imprisonment to the lekhpal who took bribe
घूस लेने वाले लेखपाल को चार साल कठोर कारावास
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- शिव-पार्वती मंदिर बनाने वाले ट्रस्ट की रिपोर्ट लगाने के लिए लेखपाल रामबदन पांडेय दो हजार घूस लेते रंगेहाथ पकड़ा गया था
गोरखपुर। विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तनू भटनागर ने सुल्तानपुर जिले के सदर तहसील के तत्कालीन लेखपाल रामबदन पांडेय को दो हजार रुपये घूस लेने पर चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा कोर्ट ने आठ हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर अभियुक्त को दो माह का कारावास अलग से भुगतना होगा।

सुल्तानपुर जिले के सदर तहसील के ग्राम त्रिलोकपुर निवासी देवेंद्र कुमार यादव ने वर्ष 2007 में अपने गांव तथा पड़ोस के गांव के कुछ लोगों के सामने शिव पार्वती मंदिर के लिए शिव पार्वती सेवा संस्थान बनाने का प्रस्ताव रखा था। जिसके लिए कानूनी सलाह लेकर अभिलेख तैयार कराए और शुल्क जमा कर आवेदन डिप्टी रजिस्ट्रार फर्म्स सोसाइटी चिट्स 145 रीडगंज फैजाबाद को 5 दिसंबर 2007 को दिया था। 3 जनवरी 2008 को डिप्टी रजिस्ट्रार ने उपजिलाधिकारी को जांच के लिए एक पत्र प्रेषित किया। जिसकी एक प्रति देवेंद्र कुमार को भी प्राप्त हुई। देवेंद्र ने जब इस संबंध में तहसील जाकर पता किया तो मालूम हुआ कि अभिलेख लेखपाल को भेज दिया गया है। उन्होंने जब लेखपाल रामबदन से संपर्क किया तो जल्दी रिपोर्ट देने के लिए उसने पांच हजार रुपये घूस मांगी। अनुनय-विनय करने पर दो हजार रुपये में रिपोर्ट लगाने को तैयार हुआ। देवेंद्र घूस नहीं देना चाहते थे, बल्कि लेखपाल को घूस लेते रंगे हाथ पकड़वाना चाहते थे, इसलिए उन्होंने तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक भ्रष्टाचार निवारण संगठन फैजाबाद के यहां शिकायत की। उनकी शिकायत पर एक ट्रैप टीम का गठन हुआ और लेखपाल रामबदन पांडेय को घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था। तबसे मामला अदालत में विचाराधीन था। वादी की ओर से विशेष लोक अभियोजक परमानंद राम त्रिपाठी ने पक्ष रखा। अदालत के फैसला सुनाने के बाद लेखपाल रामबदन पांडेय को जेल भेज दिया गया।
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