गोरखपुर: उनवल में अवैध लाइन खींचने के मामले में चार अभियंता व दो लाइनमैन दोषी, ऐसे सामने आया मामला
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, क्षेत्र के संविदा लाइनमैन दीप नरायण सिंह उर्फ जगत को अवैध लाइन शिफ्टिंग की जानकारी थी, फिर भी अफसरों को जानकारी नहीं दी गई। मुख्य दोषी संविदा लाइनमैन दीप नारायण सिंह उर्फ जगत को बताया गया।
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गोरखपुर जिले के उनवल बिजली घर के खजनी फीडर से जुड़े गांव में प्रापर्टी डीलर को लाभ देने के लिए शिफ्ट की गई एचटी लाइन मामले में चार अभियंताओं व संविदाकर्मियों को दोषी ठहराया गया है। इसकी जांच चेयरमैन ने कराई है। दो सदस्यीय टीम ने जांच की और मुख्य अभियंता के माध्यम से रिपोर्ट भी चेयरमैन के पास भेज दी गई। मामले में कार्रवाई की सिफारिश हुई। इससे हड़कंप का माहौल है। लाइन शिफ्टिंग के ही एक अन्य मामले में तीन दिन पहले एक अवर अभियंता का निलंबित किया गया था।
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, क्षेत्र के संविदा लाइनमैन दीप नरायण सिंह उर्फ जगत को अवैध लाइन शिफ्टिंग की जानकारी थी, फिर भी अफसरों को जानकारी नहीं दी गई। मुख्य दोषी संविदा लाइनमैन दीप नारायण सिंह उर्फ जगत को बताया गया। 11 केवी लाइन के निर्माण व अनुरक्षण का मुख्य उत्तरदायित्व अवर अभियंता का होता है।
इस लाइन शिफ्टिंग एवं उसके कारण हुई दुर्घटना के लिए तत्कालीन अवर अभियंता अक्षय लाल भी दोषी पाए गए। अनुरक्षण एवं पर्यवेक्षण कार्य में तत्कालीन एसडीओ खजनी अनूप पांडेय की लापरवाही सामने आई है। वर्तमान अवर अभियंता बृथराज राम की हीलाहवाली सामने आई है।
कहा गया है कि लाइन की देखरेख ढंग से नहीं की गई। लिहाजा, हादसा हो गया। यह भी पाया गया कि किसी उच्च अधिकारी को बताए बिना ही लाइन को वापस पुरानी जगह पर शिफ्ट कर दी गई, जो कि गलत है। अधीनस्थ कर्मचारी पर नियंत्रण नहीं बना पाने, निरीक्षण व अन्य मामलों में वर्तमान एसडीओ मुकेश गुप्ता की भूमिका खराब मिली है।
लाइनमैन दीनानाथ सिंह को अवैध लाइन की जानकारी थी, लेकिन उच्चाधिकारियों नहीं बताया। दीनानाथ को भी जिम्मेदार बनाया गया है।
ये था मामला
मामला ग्रामीण वितरण खंड द्वितीय के उनवल बिजली घर के खजनी फीडर का है। नियम दरकिनार करके लाइन शिफ्ट गई थी। तार नीचे तक लटक रहे थे। इसकी चपेट में आने से गत 7 अगस्त को मऊमुक्तावन गांव के आर्यन झुलस गए थे। उनका इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। एक महीने पहले प्रयागराज से तबादले पर आए जेई बृथराज राम ने देखा कि एचटी लाइन के तार काफी नीचे हैं। पड़ताल से पता चला कि 7 महीने पहले गुपचुप तरीके से बिना किसी अनुमति, इस्टीमेट के दो खंभे इधर से उधर शिफ्ट कर दिए गए।
यह सब बिल्डर के दबाव में किया गया। जल्दबाजी में खंभे पर लगे तारों की सैंगिंग नहीं हो पाई। इससे तार काफी नीचे तक लटक रहे हैं। जेई ने फौरन अधिकारियों को इस गड़बड़ी की जानकारी दी। खजनी थाने में लाइन के अवैध शिफ्टिंग का मामला दर्ज कराया गया। इसका संज्ञान लेकर ही चेयरमैन ने जोन के मुख्य अभियंता व एसई से रिपोर्ट मांगी थी। अब जांच के बाद रिपोर्ट भेजी गई है।
गोरखपुर जोन के मुख्य अभियंता एके सिंह ने कहा कि उनवल में लाइन शिफ्टिंग का मामला सामने आया था। जांच करवाकर रिपोर्ट चेयरमैन को भेज दी गई है। दिशा-निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसमें वर्तमान और पुराने सभी अधिकारी दोषी मिले हैं। क्षेत्र में एचटी लाइन शिफ्ट हो रही हो और जेई, एसडीओ को पता नहीं हो, ऐसा संभव नहीं है। वर्तमान अभियंताओं को तैनात हुए लगभग एक माह हो गए, लेकिन जानकारी नहीं थी।