फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Four children of wild cat brought to Gorakhpur zoo after being rescued

गोरखपुर: रेस्क्यू कर चिड़ियाघर लाए गए जंगली बिल्ली के चार बच्चे, दो दिन पहले निकला था तेंदुआ

Wed, 15 Dec 2021 07:09 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 15 Dec 2021 07:09 PM IST
सार

संतकबीरनगर के जनता इंटर कॉलेज में बुधवार को मिले थे जंगली बिल्ली के बच्चे, लोगों ने तेंदुआ का बच्चा समझा था, इसी कॉलेज में दो दिन पहले निकला था तेंदुआ।

विज्ञापन
Four children of wild cat brought to Gorakhpur zoo after being rescued
जंगली बिल्ली के बच्चे। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

जंगली बिल्ली के चार बच्चों को संतकबीरनगर से रेस्क्यू कर गोरखपुर चिड़ियाघर लाया गया है। बच्चों को पशु अस्पताल में रखकर उपचार किया जा रहा है। सेहतमंद होने पर उन्हें प्राणि उद्यान में ही रखा जाएगा। पशु चिकित्सक ने बताया कि ऐसा लग रहा है कि बच्चों को दो दिनों से भोजन नहीं मिला है। इसलिए उनका स्वास्थ्य सामान्य नहीं है, लेकिन खतरे से बाहर हैं।

विज्ञापन


जानकारी के अनुसार, संतकबीरनगर के धर्मसिहंवा स्थित जनता इंटर कॉलेज में बुधवार सुबह जंगली बिल्ली के चार बच्चे मिले। लोगों को लगा कि ये तेंदुआ के बच्चे हैं। वन विभाग की टीम आई रेस्क्यू करने तो उन्होंने भी कहा कि प्रथम दृष्टया तेंदुआ के बच्चे ही लग रहे हैं।
विज्ञापन


उन्होंने बच्चों की फोटो खींचकर और वीडियो बनाकर विभाग के आला अधिकारियों और गोरखपुर चिड़ियाघर भेजा। तेंदुआ के बच्चे होने की इसलिए भी आशंका जताई क्योंकि बच्चे सामान्य बिल्ली के जैसे नहीं हैं। इसके अलावा इसी स्कूल में इसी कमरे से बीते सोमवार को एक तेंदुआ भी निकला था। उसने तीन लोगों को घायल कर दिया था। लोगों को लगा कि बच्चे उसी तेंदुआ के हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


बहरहाल डीएफओ डॉ रंगाराजू पी ने वन विभाग की टीम के साथ सभी बच्चों को चिड़ियाघर भेजा। पशु चिकित्साधिकारी डॉ योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि टीम शाम चार बजे बच्चों को लेकर चिड़ियाघर आई। बच्चों की हालत थोड़ी चिंताजनक थी, लेकिन नियंत्रित थी। चारों बच्चे प्राणि उद्यान में ही रहेंगे।


उन्होंने कहा कि अक्सर लोग तेंदुआ और जंगली बिल्ली के बीच उलझ जाते हैं। सभी बच्चों की उम्र 8 से 10 दिन की है। अभी इन्हें दवाओं के साथ हल्का भोजन दिया जा रहा। बड़ा होने पर इनका भोजन छोटे वन्य जीव जैसे चूहा, खरगोश, पक्षी और मछलियां होती हैं। तालाब के पास ये बड़ी संख्या में पाए जाते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed