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Gorakhpur News: प्यार और सुकून मिला...तीन साल में दोगुनी हो गई हिरणों की संख्या
Fri, 02 Aug 2024 06:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 02 Aug 2024 06:05 AM IST
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गोरखपुर। शहीद अशफाक उल्लाह खां प्राणि उद्यान (चिड़ियाघर) हिरणों का नया ठिकाना बन गया है। एकांत वातावरण और सही देखभाल हुई तो पिछले तीन सालों में इनकी संख्या दोगुनी से भी ज्यादा हो गई। दर्शकों को भी इनकी मस्ती काफी पसंद आ रही है।
2021 में जब इसका लोकार्पण हुआ उस समय यहां हिरणों की संख्या करीब 30 थी जो अब बढ़कर 66 हो गई है। चिड़ियाघर में पक्षी और बंदरों के बाड़े के बाद हिरण के बाड़े की शुरुआत हो जाती है। आगे बढ़ते हुए गेंडे के बाड़े तक आपको हिरण ही देखने को मिलेंगे। एक बड़े दायरे में इनके छोटे-छोटे बच्चे खेलते नजर आ जाएंगे, जो दर्शकों को भी आकर्षित करते हैं। हिरण तराई क्षेत्र में ही पाए जाते हैं। चिड़ियाघर के बाड़े में पेड़-पौधे भी बड़े हो गए हैं जो इनको जंगल में होेने का एहसास कराते हैं। यहां का वातावरण भी इनके लिए काफी अनुकूल है।
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छह प्रकार के हैं हिरण
चिड़ियाघर में इस समय कुल छह प्रकार के हिरण हैं। इसमें स्वर्ण मृग 22, काला हिरण 12, बारहसिंघा 3, सांभर 8, काकड़ 7 और पाढा 14 हैं। इनमें सबकी अपनी-अपनी खासियत है। इनके बारे में जानकारी के लिए चिड़ियाघर परिसर में बोर्ड भी लगाए गए हैं। बारहसिंघा उत्तर प्रदेश का राजकीय पशु भी है। इनकी संख्या पूरे देश में बहुत कम है, जिसमें से तीन चिड़ियाघर में हैं।
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प्रजनन की तैयारी
चिड़ियाघर के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि गोरखपुर चिड़ियाघर तराई का इकलौता चिड़ियाघर है। हिरणों के रहने के लिए यहां का वातारण इनके लिए अनुकूल है। वैसे तो इनकी ब्रीडिंग सालभर होती है, लेकिन बरसात का समय सबसे अनुकूल होता है। फिलहाल यहां हिरणों की संख्या 66 है, लेकिन जल्द ही इनका कुनबा बढ़ सकता है।
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2021 में जब इसका लोकार्पण हुआ उस समय यहां हिरणों की संख्या करीब 30 थी जो अब बढ़कर 66 हो गई है। चिड़ियाघर में पक्षी और बंदरों के बाड़े के बाद हिरण के बाड़े की शुरुआत हो जाती है। आगे बढ़ते हुए गेंडे के बाड़े तक आपको हिरण ही देखने को मिलेंगे। एक बड़े दायरे में इनके छोटे-छोटे बच्चे खेलते नजर आ जाएंगे, जो दर्शकों को भी आकर्षित करते हैं। हिरण तराई क्षेत्र में ही पाए जाते हैं। चिड़ियाघर के बाड़े में पेड़-पौधे भी बड़े हो गए हैं जो इनको जंगल में होेने का एहसास कराते हैं। यहां का वातावरण भी इनके लिए काफी अनुकूल है।
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छह प्रकार के हैं हिरण
चिड़ियाघर में इस समय कुल छह प्रकार के हिरण हैं। इसमें स्वर्ण मृग 22, काला हिरण 12, बारहसिंघा 3, सांभर 8, काकड़ 7 और पाढा 14 हैं। इनमें सबकी अपनी-अपनी खासियत है। इनके बारे में जानकारी के लिए चिड़ियाघर परिसर में बोर्ड भी लगाए गए हैं। बारहसिंघा उत्तर प्रदेश का राजकीय पशु भी है। इनकी संख्या पूरे देश में बहुत कम है, जिसमें से तीन चिड़ियाघर में हैं।
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प्रजनन की तैयारी
चिड़ियाघर के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि गोरखपुर चिड़ियाघर तराई का इकलौता चिड़ियाघर है। हिरणों के रहने के लिए यहां का वातारण इनके लिए अनुकूल है। वैसे तो इनकी ब्रीडिंग सालभर होती है, लेकिन बरसात का समय सबसे अनुकूल होता है। फिलहाल यहां हिरणों की संख्या 66 है, लेकिन जल्द ही इनका कुनबा बढ़ सकता है।