नकली नोट गैंग: पूर्व विधायक के पौत्र का गुर्गा भी हत्थे चढ़ा, परपौत्र अभी भी फरार; ऐसे खुला था खेल
एसपी साउथ अरुण कुमार सिंह ने कहा कि नकली नोट के गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश कर तीन आरोपियों को जेल भिजवा दिया था। एक और आरोपी विक्रम को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। केस की विवेचना की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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नकली नोट के धंधे में शामिल एक और आरोपी विक्रम जायसवाल को सोमवार को गगहा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने 23 अगस्त को वाराणसी की पूर्व विधायक के पौत्र राहुल सिंह, उसके बेटे अवनीश सिंह और इन दोनों के साथी चांद मोहम्मद को गिरफ्तार कर गिरोह का पर्दाफाश किया था।
गिरोह में शामिल विक्रम और राहुल का एक और बेटा यानि (पूर्व विधायक का परपौत्र) वांछित हैं। पुलिस ने विक्रम को सोमवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेजा गया। गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों की तलाश में पुलिस टीम लगी है। पकड़ा गया आरोपी विक्रम सिंह गड़ही थाना गगहा का मूल निवासी है।
जानकारी के मुताबिक, 23 अगस्त को बांसगांव इलाके के धनौड़ा गांव में चलाए जा रहे नकली नोट के धंधे को गगहा पुलिस ने पकड़ा था। वाराणसी की गंगापुर सीट से विधायक रहीं धनेश्वरी देवी के पौत्र राहुल सिंह की गिरफ्तारी बाद मामले सामने आया था। पता चला कि राहुल सिंह अपने बेटों और साथियों के साथ मिलकर नकली नोट का धंधा कर रहा है।
आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया था कि वे मांग के अनुसार नकली नोट छापते थे। पहले से नोट छापकर नहीं रखते थे। इससे उन्हें पकड़े जाने का डर था। हालांकि, सजगता के बावजूद पुलिस उन तक पहुंच गई। आरोपियों ने बताया कि जब ग्राहक नोट लेने के लिए तैयार हो जाते थे, तब उतने ही नोट छापते थे।
तीन आरोपियों को जेल भेजने के बाद से पुलिस अन्य की तलाश में लगी थी। सोमवार को वांछित चल रहे विक्रम को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया।
ठगी के धंधे को चमकाने में फंसे थे धंधेबाज
पुलिस के अनुसार, ये लोग नकली नोट के धंधे को छह साल से चला रहे थे। देवरिया के जग्गा के पकड़े जाने के बाद कुछ दिनों तक धंधा बंद कर दिए थे। इस बीच वे ठगी करने लगे थे।
ठगी के धंधे को चमकाने के चक्कर में एक वीडियो भी बनाया गया, जिसमें काले रंग के कागज से केमिकल की मदद से नोट बनाने की बात कही गई। उस वीडियो को चांद मोहम्मद ने बनाया था। यह खूब वायरल हुआ था। यही वायरल वीडियो पुलिस के हाथ लगा। इसके बाद पुलिस उन तक पहुंच पाई।
एसपी साउथ अरुण कुमार सिंह ने कहा कि नकली नोट के गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश कर तीन आरोपियों को जेल भिजवा दिया था। एक और आरोपी विक्रम को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। केस की विवेचना की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी पकड़ा गया था मामला
- 3 जुलाई 2022 : कैंट पुलिस ने बांसगांव के फफरुद्दीन और बिहार के राजन तिवारी को नकली नोटों के साथ पकड़ा।
- एक दिसंबर 2020 : बांसगांव पुलिस ने बेलघाट के बारपार निवासी धर्मपाल को एक लाख रुपये के नकली नोट के साथ पकड़ा।
- एक दिसंबर 2020 : सिकरीगंज इलाके में नकली नोट संग सब्जी व्यापारी गिरफ्तार, 233 नोट बरामद हुए।
- 30 अगस्त 2019 : नकली नोटों के साथ बांसगांव इलाके में पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया। एक महिला भी पकड़ी गई।
- 27 मई 2018 : झंगहा एरिया में सौ-सौ रुपये के चार नोट के साथ देवरिया, पोखरा निवासी पप्पू निषाद को पुलिस ने पकड़ा। वह कई दिनों से रुपये बाजार में चला रहा था।
- 7 मार्च 2018 : राजघाट इलाके में शातिर त्रिभुवन सिंह और उसके साथी यूनुस को गिरफ्तार करके पुलिस ने नकली नोट सहित अन्य सामान बरामद किया।
- 04 दिसंबर 2019 : देवरिया, रामपुर कारखाना में नकली नोट संग तीन लोग पकड़े गए। सौ-सौ रुपये के 49,990 रुपये बरामद हुए।
- 12 अप्रैल 2016 : गोरखनाथ इलाके के हुमायूंपुर मोहल्ले में पुलिस ने अक्षय यादव को गिरफ्तार किया। स्कैनर और प्रिंटर के जरिए वह नकली नोट छापकर बाजार में चलाता था।