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योजना: यूपी के इन जिलों में बनेगा ईको टूरिज्म सर्किट, जंगल और हरियाली का लुत्फ उठा सकेंगे पर्यटक
Thu, 23 Sep 2021 10:24 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 23 Sep 2021 10:24 AM IST
सार
सर्किट में आसपास के जिलों के पर्यटन स्थलों को जोड़ा जाएगा। घुमाने की व्यवस्था वन विभाग और पर्यटन विभाग की होगी। पर्यटकों को घुमने के लिए शुल्क देना होगा।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गोरखपुर, बनारस व आगरा में आने वाले समय में पर्यटक ईको टूरिज्म का लुत्फ उठा सकेंगे। वन विभाग ईको टूरिज्म वाले स्थलों को एक सर्किल से जोड़ने जा रहा है और पर्यटकों की सुविधा के हिसाब से योजना बनाने जा रहा है। निदेशक प्राणि उद्यान एच राजामोहन ने बताया कि गोरखपुर के साथ बनारस और आगरा को ईको टूरिज्म सर्किट से जोड़ने का प्रस्ताव बनाया जा रहा है। इसके तहत ऐसी योजना बनाई जाएगी कि जो पर्यटक परिवार के साथ गोरखपुर समेत दोनों मंडलों के पर्यावरणीय महत्व को देखना चाहेंगे वे विभाग की गाड़ी बुक कराकर घूम सकेंगे। ईको टूरिज्म वाले संरक्षित स्थानों पर वन विभाग की टीम साथ रहेगी। इसके लिए पर्यटकों को भुगतान करना होगा। इस संबंध में बुधवार को प्राणि उद्यान परिसर में पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ के अलावा अपर प्रबंध निदेशक वन निगम ने तीनों मंडल के अधिकारियों के साथ बैठक की। गोंडा के मुख्य वन संरक्षक सुजॉय बनर्जी को प्रस्ताव बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें अपनी रिपोर्ट एक हफ्ते में पीसीसीएफ वाइल्ड लाइन पवन शर्मा को सौंपना है। इसके बाद तैयार किए गए रूट पर एक बार अधिकारी खुद दौरा करेंगे। इस दौरान खामियां मिलने पर उन्हें सुधारा जाएगा।
इस तरह बनाई जाएगी योजना
ईको सर्किट बन जाने के बाद यदि किसी को परिवार के साथ घूमना है तो वह वन विभाग की गाड़ी बुक कर लेगा। वन विभाग की टीम उसे अपनी गाड़ी से सर्किट के सभी पर्यटन स्थलों पर लेकर जाएंगी। इस तरह रहने, खाने और घुमाने की सभी व्यवस्था वन विभाग करेगा। बदले में वन विभाग पर्यटक से तय शुक्ल लेगा। यदि कोई पर्यटक सर्किट बुक करेगा तो वन विभाग की तरफ से उसे सुबह नाश्ता कराया जाएगा। फिर टीम पर्यटक को लेकर चिड़ियाघर, रामगढ़ताल, विनोद वन, बुढ़िया माई का स्थान घुमाने जाएगी। इसके बाद गाड़ी महराजगंज पहुंचेगी। वहां भोजन करने के बाद वापस गाड़ी महाराजगंज जिले के ईको टूरिज्म सेंटर की तरफ बढ़ जाएगी। परगापुर ताल, सिंगहरना ताल, सोहगीबरवा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के साथ अन्य आसपास के ईको टूरिज्म क्षेत्र का भ्रमण कराएगी। अगर घूमने वाले के पास पर्याप्त समय है तो वह कुशीनगर, देवरिया के साथ संतकबीरनगर का बखिरा ताल के अलावा सिद्धार्थनगर के करतनियाघाट का नजारा भी देख सकेगा। इसके लिए उसे वन विभाग, टूरिज्म विभाग द्वारा लगने वाले शुल्क का भुगतान करना होगा।
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इस तरह बनाई जाएगी योजना
ईको सर्किट बन जाने के बाद यदि किसी को परिवार के साथ घूमना है तो वह वन विभाग की गाड़ी बुक कर लेगा। वन विभाग की टीम उसे अपनी गाड़ी से सर्किट के सभी पर्यटन स्थलों पर लेकर जाएंगी। इस तरह रहने, खाने और घुमाने की सभी व्यवस्था वन विभाग करेगा। बदले में वन विभाग पर्यटक से तय शुक्ल लेगा। यदि कोई पर्यटक सर्किट बुक करेगा तो वन विभाग की तरफ से उसे सुबह नाश्ता कराया जाएगा। फिर टीम पर्यटक को लेकर चिड़ियाघर, रामगढ़ताल, विनोद वन, बुढ़िया माई का स्थान घुमाने जाएगी। इसके बाद गाड़ी महराजगंज पहुंचेगी। वहां भोजन करने के बाद वापस गाड़ी महाराजगंज जिले के ईको टूरिज्म सेंटर की तरफ बढ़ जाएगी। परगापुर ताल, सिंगहरना ताल, सोहगीबरवा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के साथ अन्य आसपास के ईको टूरिज्म क्षेत्र का भ्रमण कराएगी। अगर घूमने वाले के पास पर्याप्त समय है तो वह कुशीनगर, देवरिया के साथ संतकबीरनगर का बखिरा ताल के अलावा सिद्धार्थनगर के करतनियाघाट का नजारा भी देख सकेगा। इसके लिए उसे वन विभाग, टूरिज्म विभाग द्वारा लगने वाले शुल्क का भुगतान करना होगा।
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आगरा और बनारस सर्किट भी घूम सकेंगे
निदेशक ने बताया कि गोरखपुर की तरह ही आगरा और बनारस को भी सर्किट का केंद्र बनाया जा रहा है। अगर घूमने वाले बनारस और आगरा ईको टूरिज्म को घूमना चाहेंगे तो उन्हें अपनी गाड़ी लेकर जानी होगी। इसके बाद की सभी जिम्मेदारी और बुकिंग के साथ उन्हें घुमाने की जिम्मेदारी टीम की होगी। इटावा लायन सफारी को आगरा ईको टूरिज्म सर्किट से जोड़ा गया है।
बैठक में ये थे शामिल
प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य जीव पवन कुमार शर्मा, अपर प्रबंध निदेशक अरविंद गुप्ता, बीके चोपड़ा मुख्य वन संरक्षक पूर्वी क्षेत्र गोरखपुर, भीमसेन मुख्य वन संरक्षक गोरखपुर मंडल, डॉ एच राजामोहन निदेशक प्राणि उद्यान, बी प्रभाकर महाप्रबंधक वन निगम के साथ चारों जिलों के डीएफओ व अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
चिड़ियाघर का किया निरीक्षण
अधिकारियों की टीम ने प्राणि उद्यान का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्य वन संरक्षक ने धूप देखकर अधिकारियों को प्रवेश द्वार पर आने वाले दर्शकों के लिए छाते का इंतजाम करने को कहा। उन्होंने कहा कि धूप में छाते की मदद से लोग अंदर का लुत्फ ले सकेंगे। उन्होंने प्राणि उद्यान में लाए जाने वाले अन्य वन्य जीवों को जल्दी लाने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा।
बैठक में ये थे शामिल
प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य जीव पवन कुमार शर्मा, अपर प्रबंध निदेशक अरविंद गुप्ता, बीके चोपड़ा मुख्य वन संरक्षक पूर्वी क्षेत्र गोरखपुर, भीमसेन मुख्य वन संरक्षक गोरखपुर मंडल, डॉ एच राजामोहन निदेशक प्राणि उद्यान, बी प्रभाकर महाप्रबंधक वन निगम के साथ चारों जिलों के डीएफओ व अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
चिड़ियाघर का किया निरीक्षण
अधिकारियों की टीम ने प्राणि उद्यान का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्य वन संरक्षक ने धूप देखकर अधिकारियों को प्रवेश द्वार पर आने वाले दर्शकों के लिए छाते का इंतजाम करने को कहा। उन्होंने कहा कि धूप में छाते की मदद से लोग अंदर का लुत्फ ले सकेंगे। उन्होंने प्राणि उद्यान में लाए जाने वाले अन्य वन्य जीवों को जल्दी लाने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा।