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घर में मोर को कैद कर रखना पड़ा भारी, वन विभाग ने ऐसे किया चालान
Fri, 24 Jul 2020 03:21 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 24 Jul 2020 03:21 PM IST
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मोर
- फोटो : अमर उजाला
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गोरखपुर में वन विभाग की टीम ने मोहद्दीपुर में एक घर में पिंजरे में कैद मोर को मुक्त कराया। विनोद वन के जंगल में जाकर उसे छोड़ा गया। आशीष यादव वार्ड नंबर 52 को वन विभाग ने वाइल्ड लाइन प्रोटेक्ट अधिनियम 1972 के तहत उनका चालान कर पक्ष रखने के लिए बुलाया गया। इसके बाद विभाग की तरफ से जेल या जुर्माने की कार्रवाई की जा सकती है।
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डीएफओ अवनीश कुमार ने बताया कि पक्षियों को बेचना, प्रदर्शन करना या घर में पालना शेड्यूल 4 के तहत वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 के उल्लंघन में आता है। पकड़े आने पर कानून के तहत जुर्माना या जेल दोनों की सजा का प्रावधान है।
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बताया कि टीम को सूचना मिली कि मोहद्दीपुर के एक घर में इसे पिंजरे में कैद कर रखा गया है। टीम ने दबिश देकर पिंजरे में मोर को कब्जे में लिया। उसे विनोद वन जंगल में जाकर छोड़ा गया।
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छापेमारी में रेंज ऑफिसर गोपाल प्रसाद, विजय शुक्ला, विधि नारायण, महेश कुमार शामिल थे। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अगर किसी को मोर बेचते हुए कोई दिखाई दे तो इसकी जानकारी वन विभाग को जरूर दें।
प्रतिबंधित मोर बेचने वाले आरोपियों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करेंगे। इसके अलावा घरों पर भी चोरी छुपे तोता पालने की जानकारी देने पर नाम पता गोपनीय रख कार्रवाई की जाएगी।