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42 साल चले मुकदमे में पांच को उम्रकैद, जमीन के विवाद में हुई थी हत्या
Sat, 25 Jan 2020 02:29 PM IST
विजय जैन
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: विजय जैन
Updated Sat, 25 Jan 2020 02:29 PM IST
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जमीन के विवाद की रंजिश में वर्ष 1978 में सिकरीगंज क्षेत्र के उल्था खुर्द गांव में हुई हत्या के मामले में दोष सिद्ध पाए जाने पर अपर सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार राय ने उसी गांव के घनश्याम, देवेंद्र, सूर्यवंश, गंगाधर दुबे और अवधेश को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अभियुक्तों पर तीस-तीस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड न देने पर 2 साल के कारावास की सजा अलग से भुगतनी होगी।
जानकारी के मुताबिक, कोर्ट में अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी अभय नंदन त्रिपाठी और एचएन यादव ने बताया कि 27 मार्च 1978 को वादी प्रेम नारायण द्विवेदी के सहन की जमीन पर गांव के फणिस आदि ने चहारदीवारी बनाकर कब्जा करने की कोशिश की। वादी के पिता भागवत प्रसाद द्विवेदी ने विरोध किया तो अभियुक्तों ने उनपर लाठी से हमला कर दिया। हमले में उनकी मौत हो गई। कोर्ट में अभियुक्तों ने जुर्म से इनकार करते हुए रंजिशन फंसाए जाने की बात कही। न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध सुबूतों के आधार पर सजा सुनाई।
एक आरोपित की उम्र 96 साल
अभियुक्त सूर्यवंश की उम्र 96 वर्ष है। हाईकोर्ट से स्टे के कारण मुकदमे में फैसला देर से आया। कोर्ट में लंबे समय तक बहस के बाद शुक्रवार को फैसला आने पर पीड़ित परिवार में खुशी का माहौल है।
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जानकारी के मुताबिक, कोर्ट में अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी अभय नंदन त्रिपाठी और एचएन यादव ने बताया कि 27 मार्च 1978 को वादी प्रेम नारायण द्विवेदी के सहन की जमीन पर गांव के फणिस आदि ने चहारदीवारी बनाकर कब्जा करने की कोशिश की। वादी के पिता भागवत प्रसाद द्विवेदी ने विरोध किया तो अभियुक्तों ने उनपर लाठी से हमला कर दिया। हमले में उनकी मौत हो गई। कोर्ट में अभियुक्तों ने जुर्म से इनकार करते हुए रंजिशन फंसाए जाने की बात कही। न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध सुबूतों के आधार पर सजा सुनाई।
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एक आरोपित की उम्र 96 साल
अभियुक्त सूर्यवंश की उम्र 96 वर्ष है। हाईकोर्ट से स्टे के कारण मुकदमे में फैसला देर से आया। कोर्ट में लंबे समय तक बहस के बाद शुक्रवार को फैसला आने पर पीड़ित परिवार में खुशी का माहौल है।
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