फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Five faculties running in Deendayal Upadhyay Gorakhpur Vidyalaya may be closed

Gorakhpur: गोविवि में बंद हो सकती है पांच फैकल्टी, बिना अनुमति के पुराने वीसी ने बना दिए थे नए संकाय

Wed, 13 Sep 2023 02:59 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर Published by: विजय पुंडीर Updated Wed, 13 Sep 2023 02:59 PM IST
सार

नवागत कुलपति ने नियम एवं परिनियम के खिलाफ चल रहे संकाय पर रोक लगाने का संकेत सोमवार को अधिष्ठाता एवं विभागाध्यक्षों की बैठक में दिया है।

विज्ञापन
Five faculties running in Deendayal Upadhyay Gorakhpur Vidyalaya may be closed
DDU Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विद्यालय में संचालित पांच संकाय बंद हो सकते हैं। यह संकाय कुलाधिपति के बिना अनुमति के पूर्व कुलपति ने संचालित कराया था। नैक मूल्यांकन से पहले संकाय की संख्या आठ से बढ़ाकर 13 कर दिया गया। नवागत कुलपति ने नियम एवं परिनियम के खिलाफ चल रहे संकाय पर रोक लगाने का संकेत सोमवार को अधिष्ठाता एवं विभागाध्यक्षों की बैठक में दिया है।

विज्ञापन


गोरखपुर विश्वविद्यालय में परंपरागत संकाय कला, वाणिज्य, विज्ञान, विधि व शिक्षा के अलावा तीन अन्य संकाय कृषि, चिकित्सा और इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी संचालित हो रहा है। पूर्व कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने नैक मूल्यांकन से पहले विद्या परिषद एवं कार्यपरिषद से पांच और संकाय को पास कराया। इसमें ललित और प्रदर्शन कला, भाषा, ग्रामीण विज्ञान, व्यावसायिक पाठयक्रम और प्रबंधन संकाय शामिल हैं। इस संकाय को पास कराने के बाद उसके अनुमोदन के लिए कुलाधिपति के पास भेजा। कुलाधिपति का अनुमोदन मिलता इससे पहले ही इन संकायों को शुरू कर दिया। उनके अधिष्ठाता की तैनाती भी कर दी गई। इस बीच राजभवन से संकाय के संचालन के अनुमोदन देने के बजाय उसके औचित्य के संदर्भ में जवाब मांगा गया। इसके बावजूद संकाय का संचालन होता रहा।
विज्ञापन


कुलपति प्रो. पूनम टंडन को सोमवार को प्रशासनिक भवन के कमेटी हाॅल में अधिष्ठाता एवं विभागाध्यक्षों की बैठक में सख्त लहजे में कहा कि सभी निर्णय विश्वविद्यालय की संस्थाओं- बोर्ड ऑफ स्टडीज, अकादमिक परिषद, कार्यपरिषद, वित्त समिति, परीक्षा समिति की ओर से ही लिया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

यह है संचालित होने वाले आठ संकाय

  • कृषि संकाय
  • कला संकाय
  • वाणिज्य संकाय
  • इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी संकाय
  • कानूनी अध्ययन संकाय
  • चिकित्सा संकाय
  • विज्ञान विभाग संकाय
  • अध्यापक एवं शिक्षा संकाय

यह है पांच नवगठित संकाय

  • ललित कला और प्रदर्शन कला संकाय
  • भाषा संकाय
  • ग्रामीण विज्ञान संकाय
  • व्यावसायिक पाठयक्रम संकाय
  • प्रबंधन संकाय

कानूनी अध्ययन संकाय फिर होगा विधि संकाय
पांच संकाय के गठन के साथ ही विधि संकाय का नाम भी बदल दिया गया था। विधि संकाय का नाम बदलकर उसे कानूनी अध्ययन संकाय कर दिया गया था। पांच नवगठित संकाय के साथ उसको भी अनुमोदन के लिए कुलाधिपति के पास भेजा गया था। अनुमति नहीं मिलने पर यह संकाय भी अपने पुराने नाम से संचालित हो सकता है।

कोई भी नया संकाय तब तक नहीं शुरू हो सकता, जब तक उसे कुलाधिपति के अनुमति के बाद परिनियम में शामिल न किया जाय। इसलिए नए फैकल्टी के गठन को होल्ड पर रखने पर विचार किया जा रहा है। -प्रो. शांतनु रस्तोगी, कुलसचिव, गोविवि

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed