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Gorakhpur News: उंचवा में महिलाओं की पहली मस्जिद..अदा की जा रही नमाज

Tue, 19 Mar 2024 01:48 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 19 Mar 2024 01:48 AM IST
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First mosque for women in Unchwa. Namaz being offered.
मस्जिद में बयान करते आलिम।

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मस्जिद उंचवा में तय की गई अलग जगह, जुमे के साथ तरावीह की नमाज शुरू

50 औरतों के नमाज पढ़ने का है इंतजाम



सैयद सायम रऊफ
गोरखपुर। शहर में अब औरतें भी मस्जिद में जाकर खुसूसी इबादत कर सकेंगी। उनको नमाज पढ़ने और इबादत करने के दौरान कोई खलल भी नहीं होगा। 1751 में बनी उंचवा मस्जिद में अब औरतों को नमाज पढ़ने के लिए अलग जगह मिल गई है। यहां इंतजामिया कमेटी ने उनकी मांग को देखते हुए मस्जिद के किनारे पर जगह मुहैया कराई है। इसमें दाखिल होने के लिए पीछे से रास्ता दिया गया है, ताकि पर्दे का भी अहतमाम रहे। फिलहाल महिलाएं इसमें जुमे और तरावीह की नमाज पढ़ने की सआदत हासिल कर रही हैं।

मस्जिद में महिलाओं के लिए नमाज का सिलसिला शुरू हो गया है। खासतौर पर रमजान के दौरान यहां पर बड़ी तादाद में महिलाएं नमाज अदा करने के लिए पहुंचने भी लगी हैं। फिलहाल यहां पर जुमा और इशा के साथ ही तरावीह की नमाज अदा करने के लिए महिलाएं पहुंच रही हैं। नमाज के लिए आईं समीना ने बताया कि मस्जिद में नमाज पढ़कर बहुत सुकून मिल रहा है। यह फक्र की बात है कि हमें भी मस्जिद में तरावीह पढ़ने और उसमें कुरआन पाक सुनने का मौका मिल रहा है।
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उन्होंने बताया कि जुमे की नमाज में करीब 20-25 महिलाएं पहुंच रही हैं, जबकि तरावीह की नमाज अदा करने के लिए इनकी संख्या 25-30 तक पहुंच जा रही है। फिलहाल मस्जिद में करीब 50 महिलाओं के एक साथ नमाज पढ़ने की सुविधा है।
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1751 में तामीर की गई मस्जिद


शहर के अबु बाजार उंचवा की मस्जिद मुगल दौर में तामीर की गई। करीब 250 साल पहले तामीर इस मस्जिद में आज भी नमाज अदा की जा रही है। 1172 हिजरी, सन 1751 में इसे शाह सैयद इमामुद्दीन ने तामीर कराया। सुरखी और चूने से बनी इस मस्जिद में मौसम के माकूल तापमान भी बना रहता है। मस्जिद में नमाज पढ़ने वाले अब्दुल्लाह सिराज अहमद ने बताया कि मस्जिद में तामीर के बाद से कोई तब्दीली नहीं की गई है। यहां अलविदा के साथ ही ईद-उल-फितर और ईद-उल-अजहा की नमाज भी अदा की जाती है। दूर-दराज से भी लोग यहां नमाज के लिए आते हैं।




वर्जन

मस्जिद के एक हिस्से में औरतों को नमाज पढ़ने के लिए जगह बनाई गई है। अभी फिलहाल इसमें जुमे की नमाज हो रही थी, अब रमजान के दौरान महिलाएं तरावीह की नमाज अदा करने के लिए भी पहुंच रही हैं। मस्जिद में 50 महिलाओं के एक साथ नमाज पढ़ने की सुविधा मौजूूद है।

अफराहीम, सदर, मस्जिद उंचवा
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