फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   fire broke out in hut from bonfire old woman got burnt alive

Gorakhpur News: अलाव से झोपड़ी में लगी आग, जिंदा जल गई बुजुर्ग महिला

Sat, 31 Dec 2022 10:26 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो चौरीचौरा (गोरखपुर)।
अमर उजाला ब्यूरो चौरीचौरा (गोरखपुर)। Published by: vivek shukla Updated Sat, 31 Dec 2022 10:26 AM IST
सार

सिस्टम से लड़ते-लड़ते सोमारी देवी बृहस्पतिवार को जिंदगी की जंग हार गईं और उनके पति रामअवध अस्पताल पहुंच गए। दंपती ने दो साल पहले प्रधानमंत्री आवास के लिए आवेदन किया था। आवास की स्वीकृति के चंद दिनों बाद ही सोमारी देवी की मौत हो गई।

विज्ञापन
fire broke out in hut from bonfire old woman got burnt alive
अलाव से जली झाेपड़ी इनसेट में मृतक महिला। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

अलाव से झोपड़ी में आग लगने से गोरखपुर जिले के चौरीचौरा थाना क्षेत्र के रामपुर रकबा गांव के छावनी टोला में बृहस्पतिवार रात दृष्टि बाधित बुजुर्ग महिला जिंदा जल गई। बचाने आया पति झुलस गया। झोपड़ी में बंधी भैंस भी जल गई। झुलसे पति को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक, रामपुर रकबा गांव के रामअवध पासवान की पत्नी सोमारी देवी (65) को ठंड से बचाने के लिए झोपड़ी में अलाव जलाया गया था। सोमारी देवी रोजाना भैंस के लिए बनाई गई झोपड़ी में सोती थीं। पति रामअवध दूसरी ओर सोते हैं। दंपती के दो बेटे हैं, जोकि बाहर रहकर मजदूरी करते हैं।
विज्ञापन

 
बृहस्पतिवार की रात में सोमारी देवी रोज की तरह झोपड़ी में सो गईं। इस बीच अलाव जलता रह गया। रात में भैंस के इधर-उधर होने पर पूंछ या पैर आदि लगने पर अलाव की आग बिखर गई, जिससे झोपड़ी में आग लग गई। सोमारी देवी को दोनों आंखों से दिखाई नहीं देता था, इस वजह से उन्हें पहले कुछ पता नहीं चल सका। जब आग उनके शरीर के पास पहुंच गई, तब उन्होंने शोर मचाया।
विज्ञापन
विज्ञापन


शोर सुनकर पति रामअवध बाहर से बचाने के लिए दौड़े, लेकिन तब तक सोमारी जल चुकी थीं। उन्हें बचाने में राम अवध भी झुलस गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।


 

व्यवस्था से लड़ते-लड़ते जिंदगी का जंग हार गईं सोमारी

सिस्टम से लड़ते-लड़ते सोमारी देवी बृहस्पतिवार को जिंदगी की जंग हार गईं और उनके पति रामअवध अस्पताल पहुंच गए। दंपती ने दो साल पहले प्रधानमंत्री आवास के लिए आवेदन किया था। आवास की स्वीकृति के चंद दिनों बाद ही सोमारी देवी की मौत हो गई। अभी तक आवास निर्माण का पैसा खाते में नहीं पहुंचा है।

रामअवध बताते हैं कि बड़ा बेटा महेंद्र पुणे में तो छोटा बेटा संतोष गोवा में रहता है। पति-पत्नी गांव में रहते हैं। दृष्टि बाधित होने की वजह से रामअवध पत्नी सोमारी के पास ही रहते थे। रात में सोने के लिए सोमारी देवी पशुओं के लिए बनाई गई झोपड़ी में चली जाती थीं। बृहस्पतिवार रात में ठंड से बचने के लिए झोपड़ी अलाव जलाकर रख दिया था।

यही उनकी मौत का कारण बन गया। रामअवध कहते हैं कि सोमारी को मक्का मकान बनने का इंतजार था। अब वह अपना घर नहीं देख पाएंगी। बताते हैं कि कई बार पैरवी करने के बावजूद उनका नाम आवास के लिए स्वीकृत हो पाया है। अभी तक मकान का पैसा खाते में नहीं आया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed