गोरखपुर: कूटरचित दस्तावेज के आधार पर नौकरी कर रहे थे फर्जी शिक्षक, तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में तीन और फर्जी शिक्षकों के खिलाफ कैंपियरगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। आरोपियों के खिलाफ कैंपियरगंज के खंड शिक्षा अधिकारी अरुण कुमार सिंह ने बीते 21 सितंबर को तहरीर दी थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ जालसाजी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
जानकारी के मुताबिक, कैंपियरगंज ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय नवापार में कार्यरत शिवबचन सिंह के खिलाफ बलिया में तैनात शिक्षक शिवबचन सिंह ने कूटरचित दस्तावेजों के इस्तेमाल का आरोप लगाया था। जांच में आरोप पुष्ट होने पर आरोपी को बर्खास्त किया गया था।
वहीं दो अन्य विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक सुधीर सिंह और सरिता चौरसिया पर आगरा विश्वविद्यालय से फर्जी डिग्री हासिल करने का आरोप है। जांच के दौरान दोनों को बर्खास्त कर दिया गया। तीनों ही मामलों में मुकदमा दर्ज नहीं कराया जा सका था।
शासन के सख्त निर्देश के बाद अब जाकर खंड शिक्षा अधिकारियों की ओर से मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। पिछले दस दिन के अंदर अब तक 10 बर्खास्त शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है।
अब तक 65 बर्खास्त, 49 पर मुकदमा
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से पिछले डेढ़ वर्ष में अब तक 65 फर्जी शिक्षकों को बर्खास्त किया गया है। पिछले महीने तक विभाग की ओर से 39 शिक्षकों पर ही मुकदमा दर्ज कराया जा सका था। इनमें से 37 मुकदमे बीएसए ने राजघाट थाने में दर्ज कराया था। खंड शिक्षा अधिकारियों की ओर से मुकदमा दर्ज कराने में रूचि नहीं ली जा रही थी।
अमर उजाला की ओर से मामले को प्रमुखता से प्रकाशित करने के बाद से मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू हुई। अब तक 10 शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। 16 और बर्खास्त शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज कराया जाना अभी बाकी है।
बीएसए बीएन सिंह ने बताया कि फर्जी शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। अब तक 10 फर्जी शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। बाकी बचे 16 शिक्षकों पर भी मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।