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गोरखपुर एम्स: पूर्व कार्यकारी निदेशक प्रो. जीके पाल और उनके बेटे पर प्राथमिकी दर्ज, ऐसे लिया था फर्जी दाखिला

Sun, 04 Jan 2026 01:57 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Sun, 04 Jan 2026 01:57 AM IST
सार

आशुतोष ने आरोप लगाया कि ओरो प्रकाश पाल के माता-पिता की वार्षिक आय लगभग 80 लाख रुपये है, जबकि ओबीसी नॉन क्रीमीलेयर प्रमाणपत्र प्राप्त करने की शर्त यह है कि माता-पिता की कुल आय आठ लाख रुपये से कम हो। आरोप है कि इस फर्जी प्रमाणपत्र का प्रयोग कर ओरो प्रकाश पाल ने एम्स में प्रवेश प्राप्त किया और एम्स गोरखपुर की प्रतिष्ठा को धूमिल किया।

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FIR filed against former AIIMS Executive Director Prof. GK Pal and his son in Gorakhpur
गोरखपुर एम्स - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर बेटे को प्रवेश दिलाने के मामले में एम्स के पूर्व कार्यकारी निदेशक (ईडी) एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी रहे प्रो. गोपाल कृष्ण पाल (प्रो. जीके पाल) और उनके पुत्र ओरो प्रकाश पाल के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर एम्स थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह कार्रवाई सामाजिक कार्यकर्ता आशुतोष कुमार मिश्र की शिकायत के बाद हुई।
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आशुतोष कुमार ने अदालत में दायर प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि प्रो. गोपाल कृष्ण पाल के पुत्र ओरो प्रकाश पाल ने एम्स गोरखपुर में एमडी माइक्रोबायोलॉजी में प्रवेश के लिए फर्जी ओबीसी नॉन क्रीमीलेयर प्रमाणपत्र का उपयोग किया।
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आशुतोष ने आरोप लगाया कि ओरो प्रकाश पाल के माता-पिता की वार्षिक आय लगभग 80 लाख रुपये है, जबकि ओबीसी नॉन क्रीमीलेयर प्रमाणपत्र प्राप्त करने की शर्त यह है कि माता-पिता की कुल आय आठ लाख रुपये से कम हो।
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आरोप है कि इस फर्जी प्रमाणपत्र का प्रयोग कर ओरो प्रकाश पाल ने एम्स में प्रवेश प्राप्त किया और एम्स गोरखपुर की प्रतिष्ठा को धूमिल किया। आरोप लगाया कि ईडी के पद पर रहते हुए प्रो. पाल ने अपने प्रभाव का भी दुरुपयोग किया।

आशुतोष ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और गोरखपुर पुलिस से कई बार इस मामले में कार्रवाई की मांग की लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसके बाद कोर्ट ने मामले में प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया।

मामला स्वास्थ्य मंत्रालय पहुंचा तो डॉ. पाल को एम्स गोरखपुर से हटा दिया गया। बाद में उनको एम्स पटना से भी हटा दिया गया। एम्स थाने में आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, दस्तावेजों की जालसाजी और धोखाधड़ी के इरादे से नकली दस्तावेज बनाने की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर रही है।


एम्स के पूर्व कार्यकारी निदेशक और उनके बेटे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी: योगेंद्र सिंह, सीओ कैंट
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